लुधियाना: शहर में कभी दर्जनों सिनेमा हॉल दर्शकों से गुलजार रहते थे, लेकिन बदलते समय और मनोरंजन के नए साधनों के कारण कई पुराने थिएटर बंद हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार, लुधियाना के एक दर्जन से अधिक सिनेमा घरों पर ताले लग चुके हैं, जबकि जो थिएटर अभी चल रहे हैं, वे भी दर्शकों की कमी और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं।
ऐतिहासिक सिनेमा घरों का खत्म हुआ दौर
लुधियाना में सिंगल स्क्रीन सिनेमा का इतिहास काफी पुराना रहा है। शहर का सबसे पुराना सिंगल स्क्रीन सिनेमा मिनर्वा माना जाता है, जिसकी स्थापना वर्ष 1902 में हुई थी। इसके बाद 1933 में रिखी थिएटर और 1938 में नौलखा सिनेमा अस्तित्व में आए थे। हालांकि, समय के साथ ये ऐतिहासिक सिनेमा घर भी बंद हो गए। संगीत सिनेमा, ओरिएंट सिनेमा, अरोड़ा पैलेस, आरती सिनेमा, कैलाश सिनेमा, निर्मल सिनेमा, मंजू सिनेमा, सूर्या, दीपक और सोसाइटी सिनेमा जैसे कई थिएटरों को तोड़कर उनकी जगह बड़े मॉल और व्यावसायिक इमारतें बना दी गईं।
कई पुराने थिएटर आज भी खंडहर के रूप में मौजूद
शहर में कुछ पुराने सिनेमा घरों की इमारतें आज भी बीते दौर की याद दिलाती हैं। संगीत सिनेमा, अरोड़ा पैलेस, लक्ष्मी सिनेमा और मंजू सिनेमा जैसी इमारतें अब जर्जर हालत में खड़ी दिखाई देती हैं। इन थिएटरों से जुड़ी यादें आज भी शहरवासियों के लिए खास महत्व रखती हैं, लेकिन बदलती मनोरंजन संस्कृति ने इनके अस्तित्व को प्रभावित किया है।
शिंगर सिनेमा में भी थमा फिल्मों का प्रदर्शन
शहर के प्रमुख सिनेमा हॉल शिंगर सिनेमा में भी पिछले एक महीने से फिल्मों का प्रदर्शन बंद होने की जानकारी सामने आई है। वहां मौजूद चौकीदार ने बताया कि पहले शिंगर, मिनी शिंगर और मिद्धी शिंगर में एक साथ फिल्मों का संचालन होता था और बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचते थे।
📍 Location: Ludhiana (Ludhiana)
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