नई दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर राज्य और देश की राजनीतिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने हालिया दलबदल को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा घटनाक्रम संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
‘लोकतंत्र का मजाक बनाया जा रहा है’- CM मान
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को बताया कि कुछ सांसदों द्वारा पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होना लोकतांत्रिक व्यवस्था का दुरुपयोग है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई पार्टी दो-तिहाई बहुमत से मर्जर कर सकती है, तो कुछ लोगों द्वारा अपनी मर्जी से दल बदलना सही नहीं ठहराया जा सकता। मान ने इसे “लोकतंत्र का मजाक” बताया और कहा कि इससे जनता के जनादेश का अपमान होता है।
‘राइट टू रिकॉल’ की मांग
सीएम मान ने संविधान में संशोधन कर ‘राइट टू रिकॉल’ लागू करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को बिना जवाबदेही के पार्टी बदलने की छूट नहीं मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिन विधायकों और सांसदों को जनता ने चुना, वे बाद में दूसरी पार्टियों के जरिए राज्यसभा या अन्य पदों तक पहुंच जाते हैं, जो लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।
BJP और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ नेताओं को राजनीतिक बदलाव के बाद विशेष सुरक्षा और संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई और राजनीतिक फैसलों के बीच अंतर होना चाहिए। सीएम मान ने यह भी कहा कि भविष्य में यदि किसी ने सत्ता का गलत इस्तेमाल किया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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‘पंजाब में ऐसी राजनीति बर्दाश्त नहीं’
सीएम ने कहा कि पंजाब की जनता ऐसे राजनीतिक बदलावों को स्वीकार नहीं करती, जिनमें जनादेश का अपमान हो। उन्होंने दावा किया कि कुछ नेता पहले एक पार्टी से चुने गए और बाद में दूसरी पार्टी में जाकर पद हासिल कर रहे हैं, जिसे वह “लोकतंत्र की हत्या” मानते हैं।

