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पंजाब में SIR को लेकर CM मान का बड़ा बयान, PM को लेकर भी कह डाली बड़ी बात

CM Mann Issues Statement on SIR in Punjab

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि राज्य में SIR प्रक्रिया के तहत किसी भी मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से नहीं कटने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर जरूरत पड़ी तो सरकार इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा भी खटखटाएगी। सीएम मान शनिवार को शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के साथ 72 शिक्षकों के एक बैच को फिनलैंड प्रशिक्षण के लिए रवाना करने के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

CM Mann Issues Statement
CM Mann Issues Statement

72 शिक्षकों का नया बैच फिनलैंड रवाना

इस मौके पर 72 प्राथमिक शिक्षकों का सबसे बड़ा बैच फिनलैंड के तुर्कू शहर के लिए रवाना किया गया। यह बैच 29 मई तक वहां पहुंचकर आधुनिक शिक्षण तकनीकों और नए टूल्स की ट्रेनिंग लेगा। इससे पहले भी कई बैच सिंगापुर और अन्य देशों में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।

CM Mann Issues Statement

PM मोदी पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कहा कि देश में कई तरह की पाबंदियां लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि “क्या प्रधानमंत्री वर्क फ्रॉम होम नहीं कर सकते?” और यह सब जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने के लिए किया जा रहा है। सीएम ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा

मान ने कहा कि पंजाब में शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली के क्षेत्र में लगातार सुधार हो रहा है और इन्हीं मुद्दों को अब अन्य राजनीतिक दल भी अपने एजेंडे में शामिल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में दाखिले बढ़े हैं और हालिया सर्वे के अनुसार पंजाब कई राज्यों से आगे निकल चुका है। स्मार्ट स्कूलों में कंप्यूटर, बिजली और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता में भी सुधार दर्ज किया गया है।

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सरकारी स्कूलों के नतीजों पर संतोष

सीएम ने कहा कि धुरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों के कई छात्रों ने 97% से 100% तक अंक प्राप्त किए हैं, जो राज्य के शिक्षा सुधारों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि अब सरकारी स्कूलों में पैरेंट-टीचर मीटिंग जैसी व्यवस्थाएं भी नियमित रूप से शुरू की गई हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और भागीदारी बढ़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी स्कूलों के छात्र भी निजी और कॉन्वेंट स्कूलों के छात्रों के बराबर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

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