फाजिल्का (पंजाब): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को फाजिल्का के जलालाबाद में बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की। उन्होंने 300 किलोमीटर नई सड़कों की आधारशिला रखी और 350 किलोमीटर अन्य सड़कों की मरम्मत का काम शुरू किया। यह राज्य के 43,000 किलोमीटर लंबे सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले चार वर्षों में विकास कार्यों में तेजी लाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की राजनीति का दौर अब खत्म हो चुका है।
उन्होंने आगे कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में मजबूती और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त जवाबदेही के उपाय लागू किए जा रहे हैं।
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार का लक्ष्य पूरे पंजाब में बिजली की तारों को भूमिगत करना है, ताकि सड़कों के किनारे लगे खंभों को हटाया जा सके और सुरक्षा में सुधार हो सके।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) 2027 में एक मजबूत जनादेश के साथ सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने पार्टी की विकास-उन्मुख नीतियों के प्रति जनता के समर्थन का हवाला दिया।
विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए मान ने उन पर अपने कार्यकाल के दौरान पंजाब की उपेक्षा करने और भ्रष्टाचार तथा कुशासन में लिप्त रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस दोनों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वे सार्थक विकास करने में विफल रहे हैं और अब जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
एक प्रमुख कल्याणकारी पहल की घोषणा करते हुए मान ने कहा कि सरकार “मावां धियां सत्कार योजना” शुरू करेगी। इस योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह ₹1,000 मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को मासिक ₹1,500 दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य की लगभग 97% महिलाओं को इस योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है, जिसके लिए ₹9,300 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके लिए पंजीकरण 13 अप्रैल से शुरू होने वाला है। बुनियादी ढांचे और सिंचाई के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि संपर्क सड़कों की मरम्मत और उन्हें बेहतर बनाने का व्यापक काम चल रहा है, और अगले पांच वर्षों के लिए उनके रखरखाव की योजना भी बनाई गई है।
उन्होंने नहर के पानी की आपूर्ति में हुए सुधारों पर प्रकाश डालते हुए दावा किया कि पानी उन क्षेत्रों तक पहुंच गया है जहां दशकों से पानी नहीं पहुंचा था। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर सिंचाई प्रबंधन के कारण भूजल के दोहन में काफी कमी आई है।
मान ने सरकार के उस फैसले को भी दोहराया जिसके तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में डॉक्टरों और शिक्षकों के लिए दो साल की सेवा अनिवार्य कर दी गई है। इन क्षेत्रों में सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन और करियर संबंधी लाभ भी दिए जाएंगे। उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने 90% घरों को मुफ़्त बिजली दी है, बिना किसी भ्रष्टाचार के 65,000 से ज़्यादा नौकरियाँ पैदा की हैं, टोल प्लाज़ा बंद करके रोज़ाना ₹70 लाख बचाए हैं, और सभी क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे को मज़बूत किया है।
इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री, विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

