शाहकोट (जालंधर) : सतलुज नदी के आसपास के इलाकों को बाढ़ की मार से बचाने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को शाहकोट हलके में 61.82 करोड़ रुपए की लागत से शाहकोट-मोगा-रामपुर रोड से गिद्दरपिंडी धुस्सी बांध तक लिंक रोड का नींव पत्थर रखा। 37.93 किलोमीटर लंबे इस प्रोजैक्ट का उद्देश्य बाढ़ सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, संपर्क में सुधार करना और शाहकोट-लोहियां क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति देना है।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, सतलुज नदी के किनारे बनने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क की कुल लंबाई 37.93 किलोमीटर होगी। हमारी सरकार ने इस बड़े बुनियादी ढांचे के प्रोजैक्ट के लिए 61.82 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। शाहकोट और लोहियां क्षेत्रों में रहने वाले लोग दशकों से बाढ़ के निरंतर खतरे में जी रहे थे। पिछली सरकारों ने चुनावों के दौरान बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन इस ग्रामीण क्षेत्र की बुनियादी ढांचे की जरूरतों को हमेशा नजरअंदाज किया। मुख्यमंत्री ने कहा, हम झूठे वादे करने में नहीं, बल्कि नतीजे देने में विश्वास रखते हैं।
मैंने खुद इस क्षेत्र के लोगों द्वारा झेली गई मुश्किलों को देखा है, जब बारिश के मौसम में गांवों का संपर्क टूट जाता था। धुस्सी बांध पर इस सड़क के निर्माण से सतलुज नदी के किनारे बने बांध को और मजबूती मिलेगी और यह स्थानीय लोगों के लिए बाढ़ के खतरों के विरुद्ध मजबूत ढाल का काम करेगी। उन्होंने आगे कहा, यह सड़क इलाके के लगभग 15 गांवों में रहने वाले करीब 15-16 हजार निवासियों को रोजाना आने-जाने में बड़ी सुविधा देगी। यह शाहकोट-मोगा रोड को लोहियां-मक्खू रोड से जोड़ेगी और एक प्रभावी बाईपास के रूप में काम करेगी, जिससे मौजूदा रूट पर ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
मानसून के मौसम में यह सड़क किसानों, स्कूली बसों और आम जनता के लिए सुचारू और निर्विघ्न आवाजाही सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री मान ने कहा, हमारी सरकार पूरे पंजाब में मजबूत ग्रामीण बुनियादी ढांचा कायम करने और उच्च स्तर की सड़क व आवाजाही नैटवर्क सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ है। यह प्रोजैक्ट सिर्फ एक सड़क का निर्माण नहीं, बल्कि शाहकोट-लोहियां क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा, संपर्क, आर्थिक विकास और बेहतर जीवन स्तर के लिए निवेश है। अपनी सरकार के अन्य लोक-हितैषी और विकास-उन्मुख कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, मेरे लिए यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि ‘आप’ सरकार ने युवाओं को 67,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं।
पंजाब में सिफारिशों और पैसे के लेन-देन का दौर खत्म हो चुका है और अब युवाओं को सिर्फ मैरिट और योग्यता के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने आगे कहा, योग्य उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियां पूरी तरह मैरिट के आधार पर दी जा रही हैं, जिस कारण एक भी नियुक्ति को अदालत में चुनौती नहीं दी गई है। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से स्थापित किए गए लगभग 990 ‘आम आदमी क्लीनिकों’ के ऐतिहासिक कदम के जरिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को काफी मजबूत किया है।
ये क्लीनिक मानकीकरण के सिद्धांतों पर बने हैं, जो आईटी आधारित रीयल-टाइम रिपोर्टिंग के सहयोग से 107 जरूरी दवाइयां और 47 टेस्ट बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराते हैं। लोगों ने इसे भरपूर समर्थन दिया है क्योंकि अब तक 5.54 करोड़ से अधिक ओपीडी दर्ज की जा चुकी हैं। रोजाना लगभग 84,000 मरीजों को सेवाएं दी जा रही हैं और 90 प्रतिशत से अधिक मरीजों को सारी जरूरी दवाइयां क्लीनिक से ही मुफ्त मिल रही हैं। इस मौके पर राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह सीचेवाल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।

