चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में सरगर्मियां अभी कम नहीं हुई है। बता दें कि डॉ. नवजोत कौर सिद्धू द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान से सुरक्षा की मांग करने के बाद अब सीएम ने कड़ा पलटवार किया है। नवजोत कौर ने हाल ही में सीएम के खिलाफ तंज भरे बयान देते हुए कहा था कि उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता है, जिस पर भगवंत मान ने कहा कि अगर जान को खतरा था तो पहले ही सोच-समझकर बोलना चाहिए था।
सीएम मान ने नवजोत कौर पर निशाना साधते हुए कहा, “नेता पहले उलटे-सीधे बयान दे देते हैं और फिर मेरे पास आकर सुरक्षा की मांग करते हैं। उनके बयान ने कांग्रेस में भी कुर्सी के रेट तय कर दिए हैं।”
नवजोत कौर ने सभी पक्षों पर साधा निशाना
इससे पहले नवजोत कौर सिद्धू ने न सिर्फ वर्तमान सरकार बल्कि विपक्ष को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने सीएम मान से पूछा कि माइनिंग और शराब माफिया को संरक्षण क्यों दिया जा रहा है। वहीं पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधते हुए नवजोत कौर ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में पंजाब के विकास के कई अहम प्रोजेक्ट रोके गए।
नवजोत कौर ने ट्वीट किया, “मुख्यमंत्री भगवंत मान जी, मुझे लगता है कि अब मुझे कुछ सुरक्षा की जरूरत है। मेरी सुरक्षा की जिम्मेदारी आपकी है। कृपया बताएं कि पंजाब के राज्यपाल के सामने मैंने जो मुद्दे उठाए, उस पर आपका कोई जवाब क्यों नहीं आया?”
कैप्टन पर सवालों की झड़ी
नवजोत कौर ने ट्वीट्स में कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी सवाल किए कि उन्होंने कौन-कौन सी फाइलें नवजोत सिद्धू से बंद करवाना चाही थीं। उन्होंने सिटी सेंटर केस, शिवालिक की प्रतिबंधित रेंज के आसपास जमीनों के रजिस्ट्रेशन और अन्य कई फाइलों का जिक्र किया, जिन्हें पंजाब के विकास के लिए अहम बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कैप्टन सरकार के दौरान माइनिंग पॉलिसी, शराब नीति, ट्रैवल और मेडिकल टूरिज्म, अमृतसर गोंडोला प्रोजेक्ट, गार्बेज डिस्पोजल प्रोजेक्ट, फिल्म सिटी प्रोजेक्ट, वाटर स्पोर्ट्स प्रोजेक्ट और रंजीत एवेन्यू में स्पोर्ट्स पार्क जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं रुक गई थीं।
पंजाब की कर्ज-स्थिति और राजनीतिक आरोप
नवजोत कौर ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भी निशाना साधा। उनके अनुसार, 1997 में पंजाब का कर्ज 12 हजार करोड़ रुपए था, जो आज 25 साल में बढ़कर 3 लाख करोड़ रुपए हो गया। इस दौरान दोनों परिवारों की संपत्ति अरबों में बढ़ गई।
पूर्व सीएम कैप्टन ने नवजोत कौर के ₹500 करोड़ वाले बयान को ‘बेमतलब’ करार दिया और कहा कि सिद्धू दंपत्ति का कोई स्टैंड नहीं है। इस बयान के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर फिर शुरू हो गया है।
सिद्धू और कैप्टन की पुरानी तल्खी
नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच पुरानी खटास को भी भुलाया नहीं जा सकता। सिद्धू, कैप्टन के कार्यकाल में नंबर 2 के मंत्री थे और सीएम पद की दौड़ में भी उनका नाम था। बाद में कांग्रेस ने कैप्टन को सीएम पद से हटा दिया, लेकिन सिद्धू मुख्यमंत्री नहीं बन पाए और उनके स्थान पर चरणजीत सिंह चन्नी को पद मिला।
राजनीतिक गलियारों में यह मामला अब नए मोड़ पर पहुँच चुका है। नवजोत कौर की सुरक्षा मांग और सीएम मान का पलटवार दोनों ही पंजाब की राजनीति में उठापटक का नया अध्याय जोड़ रहे हैं।
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