अमृतसर: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान श्री अकाल तख्त साहिब सेक्रेटेरिएट से बाहर आ गए है। मुख्यमंत्री भगवंत मान श्री अकाल तख्त साहिब पर पेशी के बाद मीडिया से बात करते हुए, सुनिए पेशी के दौरान क्या हुआ।
जत्थेदार गड़गज ने मुख्यमंत्री को सिख रहत मर्यादा की एक बुकलेट भेंट की
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब सेक्रेटेरिएट में उनकी पेशी के दौरान सिख रहत मर्यादा से जुड़ी मंथली गुरुद्वारा गजट मैगज़ीन और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लेटर भेंट किए।
CM के काले बैग में क्या है? MLA धालीवाल ने बताया
MLA कुलदीप धालीवाल श्री अकाल तख्त सेक्रेटेरिएट से बाहर आ गए हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अंदर सिर्फ मुख्यमंत्री भगवंत मान और श्री अकाल तख्त के एक्टिंग जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज थे। उन्हें नहीं पता कि घटना की वीडियोग्राफी हो रही थी या नहीं। उन्होंने यह जरूर कहा कि मुख्यमंत्री जो दो काले बैग लाए थे, उनमें जत्थेदार द्वारा मांगे गए सबूत थे।
CM मान से Q&A या सिर्फ़ लिखकर सफाई?
सूत्रों के मुताबिक, श्री अकाल तख्त सेक्रेटेरिएट में एक अलग हॉल है, जहाँ पाँचों सिंह साहिबान इकट्ठा होते हैं। मीटिंग के फ़ैसलों की घोषणा यहीं से होती है और मीडिया को भी संबोधित किया जाता है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान भी यहाँ आएँगे। हालाँकि, यह साफ़ नहीं है कि Q&A होगा या सिर्फ़ लिखकर सफाई माँगी जाएगी।
श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने के बाद मीडिया से बात करेंगे CM
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज दोपहर 12 बजे सेक्रेटेरिएट पहुंचेंगे। बताया जा रहा है कि अकाल तख्त साहिब में पेश होने के बाद मुख्यमंत्री मीडिया से बातचीत करेंगे।
भगवंत मान श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब होने वाले चौथे CM
भगवंत मान अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने वाले पंजाब के चौथे मुख्यमंत्री हैं। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने उन्हें गुरु के दसवंध सिद्धांत – गुरु की गोलक और एक आपत्तिजनक वीडियो पर सफाई देने के लिए बुलाया है।
भगवंत मान से पहले, तीन और मुख्यमंत्री – भीम सेन सच्चर, सुरजीत सिंह बरनाला और प्रकाश सिंह बादल – अकाल तख्त पर पेश हो चुके हैं। भीम सेन सच्चर अविभाजित पंजाब के दूसरे मुख्यमंत्री थे। अकाल तख्त पर पेश होने वाले मुख्यमंत्रियों में सुरजीत सिंह बरनाला को सबसे कड़ी सज़ा मिली। उन्हें पंथ से निकाल दिया गया और गले में प्लेकार्ड लटकाकर पेश होने को कहा गया।
सुबह 10 बजे का था मूल समन
जानकारी के मुताबिक, श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से मुख्यमंत्री को मूल रूप से सुबह 10 बजे पेश होने का समन जारी किया गया था। हालांकि, दो दिन पहले मुख्यमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम का हवाला देते हुए पेशी का समय शाम 4:30 बजे निर्धारित किया गया था। इस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया था कि उनका कोई व्यस्त शेड्यूल नहीं है और वे 15 जनवरी को पूरी तरह उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वे तय समयानुसार अकाल तख्त साहिब पहुंचेंगे।
आखिर क्यों भेजा गया समन?
श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को 15 जनवरी को पेश होने का निर्देश दिया है। मामला शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की गोलकों को लेकर दिए गए बयान से जुड़ा है। इस बयान को लेकर सिख संगठनों में नाराजगी देखने को मिली थी, जिसके बाद अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री को तलब किया।
मुख्यमंत्री को आदेश दिया गया है कि वे स्वयं उपस्थित होकर पूरे मामले पर अपना पक्ष रखें और सफाई दें। अकाल तख्त साहिब इस मामले को सिख मर्यादाओं और संस्थाओं से जुड़ा हुआ मानते हुए गंभीरता से देख रहा है।
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