मोगा: जिला मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए पंजाब प्लास्टिक एवं कैरी बैग्स (मैन्युफैक्चरिंग, यूजेज एंड डिस्पोजल) कंट्रोल एक्ट-2005 के अनुसार जिला मोगा में 30 माइक्रोन से कम मोटाई तथा 8 बाई 12 आकार से छोटे प्लास्टिक लिफाफों के निर्माण, भंडारण, बिक्री एवं इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट सागर सेतिया ने बताया कि जिला मोगा में प्लास्टिक लिफाफों का खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है। तकनीकी दबाव तथा विपणन की नई रणनीतियों के कारण एक बार इस्तेमाल करके फेंकने वाले प्लास्टिक पैकिंग सामग्री एवं उपभोक्ता वस्तुओं के लिए प्लास्टिक लिफाफों की खपत लगातार बढ़ रही है। इसके चलते भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरा डंपिंग स्थलों तथा खुले स्थानों पर जमा हो रहा है, जिसके परिणामस्वरूप पर्यावरण एवं स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
प्लास्टिक लिफाफे सीवरेज व्यवस्था को विशेष रूप से नुकसान पहुंचाते हैं, क्योंकि ये नालियों एवं खुले नालों में रुकावट पैदा करते हैं। प्लास्टिक में मौजूद रंग तथा विषैले तत्व कई प्रकार की बीमारियों को जन्म देते हैं। प्लास्टिक का नष्ट न होने वाला स्वभाव इसके दुष्प्रभावों को कई गुना बढ़ा देता है।
इसके अतिरिक्त, पशुओं द्वारा प्लास्टिक लिफाफों के अवशेष खा लेने से गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं और कई बार उनकी मृत्यु भी हो जाती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होता है। यह मानव स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। पंजाब प्लास्टिक एवं कैरी बैग्स (मैन्युफैक्चरिंग, यूजेज एंड डिस्पोजल) कंट्रोल एक्ट, 2005 के अनुसार प्लास्टिक लिफाफों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाना जनहित में आवश्यक है।
इसके अलावा, जिला मजिस्ट्रेट द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए मोगा जिले में स्थित सभी सार्वजनिक संपत्तियों एवं सरकारी इमारतों/स्थानों पर किसी भी प्रकार के पोस्टर, तस्वीरें, हाथ से लिखे संदेश अथवा अन्य किसी भी प्रकार के कागजात आदि चिपकाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि आम जनता द्वारा सार्वजनिक संपत्तियों एवं सरकारी इमारतों पर विज्ञापन के उद्देश्य से हाथ से लिखकर या पोस्टर, तस्वीरें तथा अन्य प्रकार के कागजात चिपका दिए जाते हैं, जिससे इन इमारतों की सुंदरता नष्ट होती है और वे बदसूरत दिखाई देने लगती हैं। यह जनहित के विरुद्ध है। उक्त दोनों आदेश 31 दिसंबर, 2026 तक लागू रहेंगे।
📍 Location: मोगा

