जालंधर: नगर निगम की बैठक को लेकर कांग्रेस नेताओं और पार्षदों ने मेयर वनीत धीर और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता परगट सिंह ने आरोप लगाया कि बैठक में 607 करोड़ रुपये का अधूरा प्रोजेक्ट लाने की कोशिश की गई, जो जनता के साथ धोखा है। उन्होंने 15 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में कमीशनखोरी के आरोप लगाते हुए मेयर को चेतावनी दी कि सरकार बदलने के बाद उन्हें जवाब देना पड़ेगा।
कांग्रेस पार्षदों ने शहर में सीवरेज सफाई के काम पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि काम के लिए पैसे मंजूर होने के बावजूद जमीन पर कोई प्रभावी काम दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के पैसे का सही इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। उन्होंने दावा किया कि कंपनी के पास कूड़ा रखने के लिए उचित जगह नहीं है और पहले इस कंपनी पर कार्रवाई की जा चुकी थी, इसके बावजूद उसे दोबारा काम दिया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम की बैठक के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों के सदन से चले जाने पर भी निशाना साधा। परगट सिंह ने कहा कि उन्होंने पहली बार देखा कि सत्ताधारी पक्ष ही बैठक से बाहर चला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रस्ताव अधिकारियों के बजाय मेयर ने खुद पढ़कर जल्दबाजी में पास करवाए। कांग्रेस ने मांग की कि नगर निगम के कामकाज में पारदर्शिता बरती जाए और जनता के पैसों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए।
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