चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा का एक बयान नया विवाद खड़ा कर गया है। महिलाओं को लेकर की गई उनकी टिप्पणी के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब पंजाब राज्य महिला आयोग ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए कपूरथला के एसएसपी को जांच के आदेश दिए हैं।
दरअसल, सुखपाल सिंह खैरा ने राज्य सरकार की उस प्रस्तावित योजना पर सवाल उठाए थे, जिसके तहत महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने की बात कही गई है। उन्होंने इस योजना को वोट हासिल करने की कोशिश बताते हुए टिप्पणी की थी, जिसके बाद उनके बयान को लेकर विवाद शुरू हो गया।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के आधार पर खैरा पर महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी को देखते हुए पंजाब राज्य महिला आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए तुरंत कार्रवाई की है।

एसएसपी को जांच के निर्देश
महिला आयोग ने कपूरथला के एसएसपी को निर्देश दिया है कि इस पूरे मामले की जांच एसपी रैंक के अधिकारी से करवाई जाए और इसकी विस्तृत स्थिति रिपोर्ट आयोग के समक्ष पेश की जाए। आयोग ने कहा कि वायरल वीडियो में की गई टिप्पणियों की सत्यता की जांच जरूरी है।
इसके साथ ही आयोग ने कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को 12 मार्च को सुबह 11:30 बजे आयोग के समक्ष पेश होने के लिए कहा है।
खैरा ने अपने ब्यान पर दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद सुखपाल सिंह खैरा ने अपने बयान पर सफाई भी दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई गलत बात नहीं कही है और वह अपने बयान पर कायम हैं। खैरा का कहना है कि उन्होंने जो वीडियो साझा किया था, उसमें एक यूट्यूबर ने कुछ महिलाओं के व्यवहार पर सवाल उठाए थे।
वीडियो में कथित तौर पर कुछ महिलाएं राज्य सरकार की आर्थिक सहायता की घोषणा के बाद खुशी जताते हुए डांस करती नजर आ रही थीं। खैरा ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि इस तरह के जश्न के बीच राज्य के किसानों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है। फिलहाल यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। अब सबकी नजर महिला आयोग की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।