Congress seeks NCSC intervention. : अमृतसर। बरनाला में प्रदर्शन कर रहे अनुसूचित जाति समुदाय के सफाई कर्मचारियों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) का दरवाजा खटखटाया है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा समेत कांग्रेस सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
अमरिंदर सिंह राजा ने घटना के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पुलिस गृह विभाग के अधीन आती है, जिसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री के पास है। उन्होंने ऐलान किया कि कांग्रेस इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का भी रुख करेगी। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने सफाई कर्मचारियों पर पुलिस की बर्बरता के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को जिम्मेदार ठहराया, क्योंकि पुलिस गृह विभाग के अधीन आती है और गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है। वारिंग ने सफाई कर्मचारियों को “ईश्वर के बंदे” बताया और कहा कि ये लोग हर जगह सफाई सुनिश्चित करते हैं। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, डॉ. अमर सिंह, डॉ. धर्मवीर गांधी और गुरजीत सिंह औजला सहित कांग्रेस सांसदों ने कहा कि विरोध कर रहे सफाई कर्मचारियों की शिकायतों को सुनने के बजाय जिला प्रशासन और पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसके कारण कई सफाई कर्मचारी घायल हो गए। सांसदों ने घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की। घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्यों के संवैधानिक अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से आग्रह किया कि वह अपनी संवैधानिक शक्तियों के तहत मामले की जांच करे, पंजाब सरकार और बरनाला जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगे, घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे और प्रभावित सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सिफारिश करे। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि कानून के अनुसार जिम्मेदारी तय की जाए और आयोग से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया। इस बीच, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि आयोग मामले पर गंभीरता से विचार करेगा और अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए उचित कार्रवाई करेगा। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए वारिंग ने कहा कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री भगवंत मान की है, क्योंकि पुलिस उनके अधीन गृह विभाग के अंतर्गत आती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बरगारी में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग के लिए सुखबीर बादल को ज़िम्मेदार ठहराया जाता है, उसी तरह मुख्यमंत्री और गृह मंत्री होने के नाते भगवंत मान भी सफाई कर्मचारियों पर पुलिस की बर्बरता के लिए ज़िम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पंजाब कांग्रेस इस मामले को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट जाएगी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई तथा सफाई कर्मचारियों को न्याय दिलाने की मांग करेगी।