पंजाब डेस्क: हालिया में सिक्किम के राज्यपाल बने दुष्यंत गौतम का विरोध कांग्रेस को भारी पड़ रहा है। दरअसल कांग्रेस एक दलित के राज्यपाल बनने से परेशान है क्यूँकि उसकी मानसिकता है कि उच्च पदों पर या तो दलित भाईचारे का व्यक्ति ना बैठे यदि बैठे तो वह उनकी भाषा बोलने वाला ही हो ताकि देश के अल्पसंख्यकों और दलितों को गुमराह करके राजनीतिक रोटियां सेकी जा सकें।
ये बात शिरोमणि रंगरेटा दल पंजाब के प्रधान सरदार धर्मेंद्र सिंह ने व्यक्त किए। प्रैस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक पद पर नियुक्ति का विरोध असल में संविधान का विरोध है।
जिस अंकिता भंडारी केस का हवाला कांग्रेस दे रही है वो केस पहले से ही सी बी आई के अधीन है और जाँच अधीन केस के चलते किसी को अपराधी नहीं माना जा सकता।

