चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी में आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े एक कार्यक्रम को लेकर विवाद हो गया। कुछ छात्रों ने कार्यक्रम का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस स्टेशन-11 को सूचित किया।
पुलिस थाना-11 के इंस्पेक्टर जसपाल भुल्लर के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। नारेबाजी कर रहे कई छात्रों को हिरासत में लेकर बस में बैठाया गया और उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया। बस में ले जाते समय भी छात्रों ने नारेबाजी जारी रखी।
छात्रों का आरोप: यूनिवर्सिटी में प्रचार हो रहा था
विरोध कर रहे छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी संगठन या राजनीतिक पार्टी का प्रचार नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि पंजाब यूनिवर्सिटी एक शैक्षणिक संस्थान है और इसे राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। छात्रों का आरोप था कि आरएसएस से जुड़े लोग विश्वविद्यालय में प्रचार करने आए थे, जिसका उन्होंने विरोध किया।
कार्यक्रम में सिख गुरुओं के इतिहास पर चर्चा
दूसरी ओर, एबीवीपी की पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट आशीष शर्मा ने कहा कि आरएसएस के उत्तर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख बनवीर राणा विश्वविद्यालय पहुंचे थे। उन्होंने सिख गुरुओं के इतिहास और उनके देशभक्ति के बलिदानों पर जानकारी साझा की।
आशीष शर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम पूरी तरह शैक्षणिक और सांस्कृतिक उद्देश्य से आयोजित किया गया था और इसका राजनीति से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने यह भी बताया कि आरएसएस सभी धर्मों का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि पंजाब में चुनाव नजदीक होने के कारण कुछ छात्र संगठन इसका विरोध कर रहे हैं, जबकि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी देना था।

