Last Updated: September 23, 2026

Dainik Savera Times Logo

पटियाला पुलिस द्वारा सीमा पार संचालित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़

April 29, 2026

पटियाला पुलिस द्वारा सीमा पार संचालित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़

Cross border terror module: पटियाला पुलिस ने 12 घंटों के भीतर ही शंभू-अंबाला रेलवे मार्ग पर हुए बम धमाके की गुत्थी सुलझा ली है। इसके साथ ही सीमा पार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के इशारे पर संचालित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में युद्धक हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है तथा इस मॉड्यूल से जुड़े 4 पेशेवर आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की गई है। यह खुलासा पटियाला रेंज के डीआईजी कुलदीप सिंह चाहल और जिला पुलिस प्रमुख वरुण शर्मा ने पटियाला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किया।

आज यहां पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीआईजी कुलदीप सिंह चाहल ने बताया कि शंभू-अंबाला रेलवे मार्ग पर हुए बम धमाके की गुत्थी सुलझाने के लिए एसपी (एच) वैभव चौधरी की निगरानी में डीएसपी सुखअमृत सिंह रंधावा, सीआईए पटियाला के इंचार्ज इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह बाजवा, सीआईए समाना के इंचार्ज इंस्पेक्टर अंकुरदीप सिंह, थाना कोतवाली पटियाला के एसएचओ इंस्पेक्टर जसप्रीत सिंह काहलो तथा स्पेशल सेल राजपुरा के इंचार्ज एसआई मनप्रीत सिंह की टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने अत्यंत पेशेवर तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपियों—परदीप सिंह खालसा पुत्र निर्मल सिंह निवासी वार्ड नंबर 1, डॉक्टर निसान सिंह वाली गली, सिद्धू अस्पताल के पीछे, मानसा; कुलविंदर सिंह बग्गा पुत्र सीरा सिंह निवासी बप्पियाना जिला मानसा; सतनाम सिंह सत्ता पुत्र लखविंदर सिंह निवासी पंजवड़ जिला तरनतारन; तथा गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र सुखविंदर सिंह निवासी बाबा बिधी चंद नगर, मुरादपुर खुर्द, गोइंदवाल, थाना सिटी तरनतारन—को गिरफ्तार किया।

डीआईजी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में युद्धक हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है, जो उन्होंने सीमा पार बैठे अपने आतंकी हैंडलरों की मदद से हासिल किया था। बरामद सामग्री में एक बम, 2 पिस्तौल सहित जिंदा कारतूस, आईईडी बनाने में प्रयुक्त सामग्री तथा मलेशिया में बैठे हैंडलरों से संपर्क के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला लैपटॉप और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं।

डीआईजी कुलदीप सिंह चाहल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना परदीप सिंह खालसा है, जो खालिस्तानी विचारधारा से प्रभावित होकर “चलदा वहीर चक्रवर्ती, अटारिए” नामक संगठन चला रहा था। वह विदेश में मलेशिया स्थित खालिस्तानी उग्रवादी समूहों और पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के संपर्क में था। उन्होंने बताया कि इनका मकसद पंजाब में आतंकी घटनाओं को अंजाम देकर शांति भंग करना और दहशत का माहौल पैदा करना था, जिसके लिए पाकिस्तान स्थित हैंडलरों द्वारा इन्हें भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार मुहैया कराए गए थे। गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी है और उनके खिलाफ विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।

इस केस में अहम खुलासे:
डीआईजी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि 27 अप्रैल 2026 की रात करीब 8:55 बजे इनके साथियों ने शंभू-अंबाला रेलवे मार्ग पर बम विस्फोट कर रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाया। इस संबंध में थाना जीआरपी पटियाला में मुकदमा नंबर 11 दिनांक 28.04.2026, विस्फोटक अधिनियम की धारा 3 तथा रेलवे अधिनियम की धारा 150 के तहत दर्ज किया गया था।

संक्षिप्त घटनाक्रम:
डीआईजी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मॉड्यूल का सरगना परदीप सिंह खालसा अपने साथियों के साथ पंजाब के प्रमुख रेलवे मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर बम धमाके कर राज्य में उग्रवाद को पुनर्जीवित करना चाहता है। इस संबंध में थाना कोतवाली पटियाला में मुकदमा नंबर 76 दिनांक 28.04.2026, बीएनएस की धारा 111, विस्फोटक अधिनियम की धाराएं 3, 4, 5, शस्त्र अधिनियम की धारा 25 तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) 1967 की धाराएं 13, 16, 18, 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गिरफ्तारी और बरामदगी:
डीआईजी ने बताया कि पुलिस टीमों ने परदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह बग्गा, सतनाम सिंह सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को आज बड़ी नदी बांध रोड के पास कूड़े के ढेर के निकट से गिरफ्तार किया और उनके पास से हथियार व गोला-बारूद बरामद किया।

डीआईजी ने कहा कि आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा, ताकि विदेशों में बैठे खालिस्तानी समर्थकों से उनके संबंधों और विदेशी फंडिंग की गहराई से जांच की जा सके।

एसएसपी वरुण शर्मा ने कहा कि इस आतंकी मॉड्यूल की गिरफ्तारी से पंजाब में संभावित बड़ी वारदातों को रोका गया है, जिनसे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें