‘Cutting chai’ priced at ₹10 is now ₹15 : मोगा। चीनी के बढ़ते दामों का सीधा असर अब आम आदमी की रोजमर्रा की चाय पर पड़ने लगा है। मोगा में कई चाय विक्रेताओं ने एक कप चाय के दाम में पांच रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। कुछ दिन पहले तक 10 रुपये में मिलने वाली कटिंग चाय अब कई दुकानों पर 15 रुपये में बिक रही है। चाय विक्रेताओं का कहना है कि चीनी के साथ दूध, चायपत्ती और गैस की बढ़ती लागत के कारण दाम बढ़ाना मजबूरी हो गया है।
लंबे समय तक बढ़ी हुई लागत के बावजूद पुराने दाम पर चाय बेचना मुश्किल हो रहा था। इसी कारण मजबूरी में चाय के दाम बढ़ाने पड़े हैं। दिन में दो-तीन कप चाय पीने वालों का बढ़ा खर्च शहर के बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख सड़कों के किनारे स्थित चाय की दुकानों पर रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं। नौकरीपेशा लोगों, दुकानदारों, वाहन चालकों और मजदूरों के लिए चाय रोजमर्रा का हिस्सा है। ऐसे में एक कप चाय पर पांच रुपये की बढ़ोतरी का असर नियमित ग्राहकों की जेब पर साफ दिखाई दे रहा है। ग्राहकों का कहना है कि चाय भले ही छोटी जरूरत लगती हो, लेकिन दिन में दो-तीन कप चाय पीने वालों का मासिक खर्च बढ़ना स्वाभाविक है। महंगाई अब रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतों को भी प्रभावित करने लगी है।
त्योहारों में बढ़ सकती है चीनी की मांग करियाना के थोक व रिटेल कारोबारी राजेश बंसल ने बताया कि अगस्त से नवंबर के बीच गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार होने के कारण चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है। वहीं नए गन्ना सत्र की पेराई अक्टूबर में शुरू होगी। ऐसे में अगले डेढ़ से दो महीने चीनी बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। सरकार को नई फसल आने तक पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखने के प्रयास करने चाहिए, ताकि कीमतों पर दबाव कम किया जा सके। केंद्र सरकार ने चीनी की कीमतों में तेजी के लिए एथनाल नीति को जिम्मेदार मानने से इनकार किया है। सरकार का कहना है कि अक्टूबर में नई पेराई शुरू होने तक घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त चीनी स्टॉक उपलब्ध है। हालांकि बाजार में बढ़ते भाव ने स्टॉक की स्थिति को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
मिठाई कारोबार पर भी बढ़ा दबाव हलवाई एसोसिएशन के प्रधान बलवंत शर्मा ने बताया कि चीनी मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाला प्रमुख कच्चा माल है। तीन दिन पहले तक चीनी के भाव को देखते हुए मिठाइयों के दाम में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन पिछले दो दिनों में चीनी के भाव में ही पांच रुपये से अधिक का उछाल आ गया है। ऐसे में मिठाई की लागत का सही हिसाब लगाना मुश्किल हो गया है। यदि चीनी के दामों में तेजी जारी रही तो मिठाइयों की कीमतें अनुमान से भी अधिक बढ़ सकती हैं। फिलहाल चीनी की महंगाई का सीधा असर चाय के प्याले तक पहुंच गया है। आम आदमी की सुबह और शाम की चाय, जो अब तक छोटी जेब पर ज्यादा बोझ नहीं डालती थी, कई जगह 10 रुपये की कटिंग से बढ़कर 15 रुपये की हो गई है।

