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बठिंडा में साइबर ठगों ने उड़ाए 8.21 लाख रुपए, दो बैंक खाते खाली

बठिंडा : बठिंडा जिले में साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों को अंजाम देकर सुरक्षा तंत्र और आम जनता की नींद उड़ा दी है। पुलिस कंट्रोल रूम बठिंडा द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, साइबर अपराधियों ने बैंक खातों से अलग-अलग किस्तों में करीब 8.21 लाख रुपए से अधिक की रकम उड़ा ली। इन घटनाओं के प्रकाश में आने के बाद जिला पुलिस के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है। पहला और सबसे बड़ा मामला भगता भाईका के रहने वाले केवल कृष्ण (पुत्र निरंजन दास) के साथ सामने आया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित के पास अज्ञात ठगों ने संपर्क साधा और झांसे में लेकर उनके बैंक खाते की संवेदनशील जानकारी हासिल कर ली या ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम में सेंध लगा दी। पीड़ित केवल कृष्ण ने साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि आरोपियों ने उनके खाते से अलग-अलग समय पर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 7,11,904- रुपए अवैध रूप से निकाल लिए। जब पीड़ित के मोबाइल पर पैसे कटने के मैसेज आने शुरू हुए, तब जाकर उन्हें इस भारी-भरकम वित्तीय नुकसान और धोखाधड़ी का अहसास हुआ।

तुरंत ही पीड़ित ने अपने बैंक और पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। इस मामले की जांच साइबर क्राइम थाने के एएसआई धर्मिंदर सिंह को सौंपी गई है। साइबर ठगी की दूसरी घटना बठिंडा शहर के प्रताप नगर इलाके में हुई, जहाँ के निवासी अशोक कुमार (पुत्र जय प्रकाश) साइबर अपराधियों का शिकार बन गए। अशोक कुमार ने शिकायत दर्ज करवाई कि अज्ञात साइबर ठगों ने ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न किस्तों और फर्जी ट्रांजैक्शनों के जरिए उनके खाते से 1,10,000/- रुपए उड़ा लिए।

पीड़ित के अनुसार, उन्हें बिना किसी संदिग्ध गतिविधि की भनक लगे, खाते से पैसे कटने के संदेश मिले। बठिंडा पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा दोनों पीड़ितों के बयानों के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन बठिंडा में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी/साइर चिटिंग) के तहत मामले दर्ज कर लिए गए हैं। जांच अधिकारियों एएसआई धर्मिंदर सिंह का कहना है कि जिन संदिग्ध बैंक खातों में यह रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी ‘मनी ट्रेल’ खंगाली जा रही है।

इसके साथ ही, ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस और ट्रांजैक्शन आईडी को ट्रैक किया जा रहा है ताकि साइबर सिंडिकेट तक पहुंचा जा सके। बठिंडा पुलिस ने आम जनता को सचेत करते हुए अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना बैंक ओटीपी, सीवीवी, या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड शेयर न करें। व्हाट्सएप या एसएमएस पर मिलने वाले किसी संदिग्ध एपीके फाइल लिंक पर क्लिक न करें।
किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन के साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।

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