चंडीगढ़: चंडीगढ़ की एक दंपति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर दो दिनों तक डिजिटल अरैस्ट कर 38 लाख रुपए ठगने वाले 6 साइबर ठगों को साइबर थाना पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान फिरोजपुर निवासी वीना रानी (29), सतनाम सिंह (40), फाजिल्का निवासी सुखदीप सिंह उर्फ सुख (28), धर्मिद्र सिंह उर्फ लाड्डी (40), चंडीगढ़ के सैक्टर-45 निवासी मुकेश उर्फ प्रिंस (25), और चेन्नई निवासी फजोल रॉकी के रूप में हुई है। आरोपियों ने दंपति को मुंबई के पुलिस अधिकारी व सीबीआई अधिकारी बनकर धमकाया और फिर ठगा था।
फिलहाल की आरोपियों से पूछताछ जारी है। वीरवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान साइबर सैल की एसपी गीतांजलि खंडेलवाल ने बताया कि पूरा नेटवर्क चेन्नई से संचालित हो रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बाद चेन्नई में छापेमारी कर फजल रॉकी को उसके किराए के कमरे से गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक पासबुक और चेकबुक बरामद की गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वह टैलीग्राम के जरिए विदेशी संपर्कों, जिनमें चीनी नागरिक भी शामिल हैं, के संपर्क में था।
आरोपियों को डीएसपी ए.वेंकटेश की सुपरविजन में साइबर सेल इंचार्ज इंस्पैक्टर इरम रिजवी की अगुवाई में बनाई गई पुलिस टीमों ने पकड़ा है। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम चैक के जरिए निकाली जाती थी और बाद में उसे क्रिप्टो करंसी यूएसडीटी में बदल दिया जाता था। इस पूरे नैटवर्क में आरोपियों को हर ट्रांजैक्शन पर कमीशन मिलता था। यूएसडीटी को चेन्नई में बैठे आरोपी फजल रॉकी के निर्देश पर आगे ट्रांसफर किया जाता था।
फाजिल्का-फिरोजपुर के क्षेत्र में बैंक खाते से पुलिस को मिली लीड :-
पुलिस ने जब गहनता से जांच की तो बैंकों से केवाईसी और खातों का ब्यौरा लेने पर पता चला कि 8 जनवरी 2026 को चंडीगढ़ के एक बैंक खाते से 4.50 लाख चैक के जरिए निकाले गए हैं। यह खाता फाजिल्का-फिरोजपुर क्षेत्र की निवासी वीना रानी के नाम पर था। तकनीकी सर्विलांस से उसकी लोकेशन चंडीगढ़ में ट्रेस हुई और साइबर पुलिस ने सैक्टर-32 में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में वीना ने बताया कि उसने ठगी की रकम निकालकर कमीशन के बदले अपने साथियों को दी। इसके बाद सैक्टर-45 और बुड़ैल इलाके में छापेमारी कर धर्मिद्र उर्फ लड्डी, सुखदीप उर्फ सुख और सतनाम को गिरफ्तार किया गया। इनके खुलासे पर मुकेश उर्फ प्रिंस को भी बुड़ैल से पकड़ा गया, जो क्रिप्टो में पैसे बदलने का काम करता था।

