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हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी 18 फरवरी 2025

Daily Hukamnama

Daily Hukamnama

Daily Hukamnama : सलोक मः ३ ॥ ध्रिगु एह आसा दूजे भाव की जो मोहि माइआ चितु लाए ॥ हरि सुखु पल्हरि तिआगिआ नामु विसारि दुखु पाए ॥ मनमुख अगिआनी अंधुले जनमि मरहि फिरि आवै जाए ॥ कारज सिधि न होवनी अंति गइआ पछुताए ॥ जिसु करमु होवै तिसु सतिगुरु मिलै सो हरि हरि नामु धिआए ॥ नामि रते जन सदा सुखु पाइन्हि जन नानक तिन बलि जाए ॥१॥ आसा मनसा जगि मोहणी जिनि मोहिआ संसारु ॥ सभु को जम के चीरे विचि है जेता सभु आकारु ॥ हुकमी ही जमु लगदा सो उबरै जिसु बखसै करतारु ॥ नानक गुर परसादी एहु मनु तां तरै जा छोडै अहंकारु ॥ आसा मनसा मारे निरासु होइ गुर सबदी वीचारु ॥२॥

Daily Hukamnama अर्थ :- जो मनुख माया के मोह में (अपना) चित् जोड़ता है उस की यह माया के साथ प्रेम बढाने वाली आशा (उस के लिए) फिटकार ही कमाने वाली होती है (क्योंकि वह मनुख) परमात्मा के नाम का आनंद पराली के बदले त्यागता है, परमात्मा का नाम भुला के वह दु:ख (ही) पाता है । अपने मन के पिछे चलने वाले मनुख आत्मिक जीवन की सूझ से स्खणे रहते हैं, जीवन का सही मार्ग उनको नहीं दिखता (इस लिए वह) जन्म मरन के गेड़ में पड़े रहते हैं। मनमुख बंदा बार बार जन्म लेता व मरता रहता है। (भगवान को विसार के मनमुख ने ओर ओर कई धंधे सहेड़े होते हैं, उन) कामों में (उस को) कामयाबीआँ नहीं होती, आखिर यहाँ से हाहुके लेता ही जाता है । जिस मनुख पर भगवान की कृपा होती है उस को गुरु मिलता है, वह सदाभगवान का नाम सुमिरता है । नाम में रंगे हुए मनुख सदाआत्मिक आनंद मनाते हैं । हे दास नानक ! (बोल-) मैं उन से सदके जाता हूँ ।1। हे भाई ! (हर समय माया की) आशा (हर समय माया की ही) चितवनी जगत में (जीवों को) मोह रही है, इस ने सारे जगत को आपने वश में किया हुआ है। जितना भी जगत दिख रहा है (इस आसा मनसा के कारण जगत का) हरेक जीव आत्मिक मौत के पंजे में है । (पर) यह आत्मिक मौत (परमात्मा के) हुक्म में ही व्यापती है (इस लिए इस से) वही बचता है जिस ऊपर करतार कृपा करता है (और, परमात्मा बख्शश करता है गुरु के द्वारा) । हे नानक ! जब गुरु की कृपा के साथ मनुख (अपने अंदर से) अहंकार दूर करता है, जब गुरु के शब्द में सुरति जोड़ता है तब मनुख आसा मनसा को खत्म कर लेता है (दुनिया की किरत-कार करता हुआ ही) आशायों से ऊँचा रहता है, तब मनुख का मन (आसा मनसा की घुंमण-घेरी में से) पार निकल जाता है ।2।

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