Dani Bandala Demands CEC Gyanesh Kumar’s Resignation : अमृतसर। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सुखविंदर सिंह डैनी बंडाला ने चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने निडरता के साथ चुनावी धांधली के पूरे मामले को देश के सामने उजागर किया है। आज अमृतसर देहाती दफ्तर में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान डैनी बंडाला ने कहा कि चुनाव आयोग में नियमों और कायदे-कानूनों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है। आयोग की कार्यशैली से जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते और विवादित प्रक्रियाओं को रद्द नहीं किया जाता, कांग्रेस अपना विरोध जारी रखेगी।
इसी मुद्दे पर 1 नवंबर को दिल्ली में INDIA गठबंधन की ओर से विशाल महारैली आयोजित की जा रही है। पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए डैनी बंडाला ने कहा कि प्रदेश में जंगलराज जैसे हालात बन चुके हैं। आए दिन हत्याएं, गोलीबारी और आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। हाल ही में माथा टेकने गए युवकों पर हुई गोलीबारी की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस और प्रशासन का अपराधियों पर कोई खौफ दिखाई नहीं दे रहा। मुख्यमंत्री केवल अपनी कुर्सी पर बैठकर तमाशा देख रहे हैं और सरकार अपराधों पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हुई है। आम आदमी पार्टी की चुनावी तैयारियों और नए चेहरों को मैदान में उतारने की चर्चाओं पर तंज कसते हुए डैनी बंडाला ने कहा कि पार्टी चाहे पुराने चेहरों को चुनाव मैदान में उतारे या नए चेहरों को, पंजाब की जनता अब उनका असली चेहरा पहचान चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार अब कुछ महीनों की मेहमान है और आगामी चुनाव में जनता उसे सत्ता से बाहर कर देगी। कांग्रेस छोड़कर गए नेताओं की वापसी के सवाल पर डैनी बंडाला ने कहा कि कांग्रेस एक बड़ा परिवार है। जो भी नेता पार्टी की विचारधारा के साथ वापस आना चाहते हैं, उनका स्वागत है। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और भाजपा नेता सुनील जाखड़ की वापसी से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि इन वरिष्ठ नेताओं के संबंध में फैसला लेना पार्टी हाईकमान का अधिकार है। हाईकमान जो भी निर्णय करेगा, वह सभी को स्वीकार होगा। फतेहजंग सिंह बाजवा के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा बेहतर जानकारी दे सकते हैं। यह उनका पारिवारिक मामला भी है। हालांकि पार्टी स्तर पर किसी के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है।

