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मोगा में डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट की बैठक, 13 से 19 नवंबर तक चंडीगढ़ में मोर्चा लगाने का फैसला

मोगा। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब की राज्य स्तरीय विस्तारित बैठक स्थानीय फ्रीडम फाइटर हॉल में प्रदेश प्रधान विक्रमदेव सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पंजाब मुलाजिम एवं पेंशनर सांझा फ्रंट तथा सांझा मुलाजिम मंच पंजाब पर आधारित संयुक्त तालमेल कमेटी के बैनर तले पंजाब सरकार के खिलाफ चल रहे संघर्ष की समीक्षा की गई। इस दौरान 13 से 19 नवंबर तक चंडीगढ़ में लगाए जाने वाले मोर्चे में बड़ी संख्या में शामिल होने का फैसला लिया गया।

बैठक में 17 जुलाई 2020 का पत्र रद्द करवाने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, काटे गए सभी भत्ते दोबारा लागू करने, स्पेशल कैडर के शिक्षकों को नियमित करने तथा कंप्यूटर शिक्षकों को शिक्षा विभाग में मर्ज करके सभी लाभ देने की मांग उठाई गई। इसके अलावा कच्चे और मानदेय पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन संबंधी प्रावधान लागू करने की मांग भी की गई। मोर्चे की तैयारी के लिए 2 नवंबर से स्कूलों में जाकर शिक्षकों को लामबंद किया जाएगा।

बैठक में 4161 मास्टर कैडर भर्ती के तहत नियुक्त 253 शिक्षकों को जारी किए गए टर्मिनेशन पत्रों के खिलाफ चल रहे पक्के मोर्चे का समर्थन किया गया। साथ ही शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे शिक्षकों के प्रति इस्तेमाल की गई कथित आपत्तिजनक शब्दावली की कड़ी निंदा की गई। मोहाली में एनएसक्यूएफ शिक्षकों द्वारा आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर उन्हें शिक्षा विभाग में मर्ज करने की मांग को लेकर लगाए गए धरने का भी समर्थन किया गया।

शिक्षकों की पदोन्नति के मामलों पर चिंता जताते हुए संगठन ने कहा कि प्राथमिक से मास्टर कैडर तक पदोन्नति के दौरान स्टेशन चुनने का अवसर नहीं दिया जा रहा। एडजस्टमेंट के नाम पर की जा रही मनमानी के कारण अनेक शिक्षक पदोन्नति के लाभ से वंचित हैं। संगठन ने लंबित पदोन्नतियां पूरी करने, पहले से मंजूर तबादले बिना शर्त लागू करने, सभी कैडरों में नई भर्तियां पूरी करने और शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य लेना बंद करने की मांग की।

बैठक में नई शिक्षा नीति-2020 रद्द कर पंजाब की अपनी शिक्षा नीति बनाने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने ‘शिक्षा क्रांति’ के नाम पर सरकारी स्कूलों में उद्घाटन समारोहों के जरिए राजनीतिक प्रचार करने का आरोप लगाते हुए ऐसे कार्यक्रमों का विरोध करने और रोष पत्र सौंपने का फैसला किया। इस मौके पर डीएमएफ के प्रदेश प्रधान जर्मनजीत सिंह छज्जलवड्डी, महासचिव हरदीप टोडरपुर, डीटीएफ के महासचिव महिंदर कौड़ियांवाली, वित्त सचिव अश्वनी अवस्थी, प्रेस सचिव पवन मुक्तसर सहित राज्य कमेटी के अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।

📍 Location: मोगा

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