
मोगा: पंजाब सहित देशभर में पिछले करीब एक सप्ताह से चीनी की कीमतों में आई तेजी को देखते हुए आम उपभोक्ताओं को उचित दर पर चीनी उपलब्ध करवाने तथा जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है।
डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया के दिशा-निर्देशों पर जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) सुखविंदर सिंह गिल ने जिले के सभी चीनी थोक विक्रेताओं और डीलरों के साथ बैठक की। बैठक में डीएफएससी ने थोक विक्रेताओं को पंजाब सरकार की ओर से 17 अगस्त 2026 को जारी निर्देशों की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि कोई भी डीलर स्टॉक प्राप्त होने की तारीख से 30 दिन से अधिक समय तक चीनी अपने पास नहीं रख सकेगा। इसके अलावा किसी भी समय और किसी भी स्थान पर 4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी।
हर शुक्रवार स्टॉक अपडेट करना होगा डीएफएससी ने निर्देश दिए कि जिन डीलरों ने अभी तक फूड स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवाया है, वे तुरंत अपना पंजीकरण करवाएं। पंजीकरण के बाद मौजूदा स्टॉक की पूरी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसके बाद प्रत्येक शुक्रवार को चीनी के स्टॉक की स्थिति नियमित रूप से अपडेट करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि सभी थोक विक्रेताओं और डीलरों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित स्टॉक सीमा और समय-सीमा का पूरी तरह पालन करना होगा। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिले में चीनी की जमाखोरी अथवा कालाबाजारी न हो और उपभोक्ताओं को बाजार में चीनी की कमी का सामना न करना पड़े। निर्देशों का पालन करने का दिया भरोसा
बैठक में मौजूद चीनी के थोक विक्रेताओं और डीलरों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि वे सरकार की ओर से जारी सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि मोगा जिले में चीनी की जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा कृत्रिम कमी पैदा करने संबंधी किसी भी प्रकार की शिकायत का अवसर नहीं दिया जाएगा।
📍 Location: मोगा
मेष: दिन शुभ रहेगा...