Site icon Dainik Savera Times

DGGI लुधियाना ने ₹13.41 करोड़ के फर्जी आईटीसी घोटाले का किया भंडाफोड़, ₹87.91 करोड़ की फर्जी बिलिंग शामिल; दो गिरफ्तार

लुधियाना: जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई), लुधियाना ने ₹87.91 करोड़ की फर्जी बिलिंग और ₹13.41 करोड़ की जीएसटी चोरी से जुड़े एक बड़े अंतर-राज्यीय फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रैकेट का पर्दाफाश किया है। मामले के सिलसिले में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।

ऑपरेशन से पता चला कि मंडी गोबिंदगढ़ स्थित तीन संस्थाएँ- मेसर्स आर डी एंटरप्राइजेज, मेसर्स आशी स्टील इंडस्ट्रीज और मेसर्स अभि अलॉयज- फर्जी चालान के जरिए लोहे और स्टील के सामानों के अवैध व्यापार में शामिल थीं। लुधियाना और लखनऊ में डीजीजीआई इकाइयों के बीच समन्वित प्रयासों से यह सफलता हासिल हुई।

जांच के अनुसार, मंडी गोबिंदगढ़ के रमन कुमार चौरसिया और पंजाब के खन्ना के देविंदर सिंह ने लखनऊ में रहने वाले दीपांशु श्रीवास्तव और उनके सहयोगी मोहित कुमार से फर्जी बिलिंग के जरिए सामान खरीदा। लखनऊ के गुर्गों ने 37 फर्जी कंपनियों के नेटवर्क के माध्यम से पंजाब स्थित फर्मों को फर्जी आईटीसी मुहैया कराकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

आगे की जांच से पता चला कि पंजाब स्थित फर्मों ने कुल 78 संस्थाओं से फर्जी आईटीसी का लाभ उठाया, जिससे कुल 87.91 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन और 13.41 करोड़ रुपये की कर चोरी हुई। डीजीजीआई लुधियाना ने जांच के दौरान काफी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए, जिनकी पुष्टि आरोपियों के स्वैच्छिक बयानों से हुई। 15 मई को रमन कुमार चौरसिया और देविंदर सिंह को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि यह छापेमारी फर्जी बिलिंग और फर्जी आईटीसी दावों पर अंकुश लगाने की दिशा में डीजीजीआई लुधियाना द्वारा उठाया गया एक और महत्वपूर्ण कदम है – एक ऐसा मुद्दा जो जीएसटी व्यवस्था की अखंडता को चुनौती देता रहता है। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की धोखाधड़ी से न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि बाजार में प्रतिस्पर्धा भी बिगड़ती है, आर्थिक स्थिरता बाधित होती है और कराधान प्रणाली में विश्वास कम होता है। डीजीजीआई ने कर चोरी का पता लगाने और उसे रोकने के लिए मजबूत प्रवर्तन, खुफिया-आधारित कार्रवाई और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। जीएसटी खुफिया महानिदेशालय भारत भर में जीएसटी से संबंधित कर धोखाधड़ी की जांच के लिए नोडल एजेंसी के रूप में वित्त मंत्रालय के तहत काम करता है।

ये भी पढ़ें: रंग लाई Raghav Chadha की मेहनत, ‘उड़ान यात्री कैफे’ पर मिल रही 10 रुपये की चाय और 20 का समोसा

Exit mobile version