पटियाला: श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी टेक सिंह और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने केंद्रीय जेल पटियाला में बंद भाई बलवंत सिंह राजोआना से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनकी सेहत और मौजूदा परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली। SGPC के अंतिरंग सदस्य सुरजीत सिंह गढ़ी भी इस दौरान मौजूद रहे।
लंबे समय से लंबित मामले पर जल्द निर्णय की मांग
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि भाई बलवंत सिंह राजोआना का मामला लंबे समय से लंबित है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश गुरुपर्व के अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा भाई बलवंत सिंह राजोआना के संबंध में घोषणा किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन उनके अनुसार अब तक उस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कई सुनवाइयां हो चुकी हैं और छह वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद अंतिम निर्णय न होना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि करीब 32 वर्षों से जेल में बंद भाई राजोआणा के मामले को और लंबित रखने के बजाय सरकार को निर्णय लेना चाहिए।
भाई बलवंत सिंह राजोआना ने माफी मांगने से किया इनकार: धामी
SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि भाई बलवंत सिंह राजोआना करीब 32 वर्षों से जेल में हैं और फांसी की सजा के तहत जेल में रहते हुए भी लंबा समय बीत चुका है।
धामी के अनुसार, मुलाकात के दौरान भाई बलवंत सिंह राजोआना ने SGPC की ओर से दायर याचिका के जल्द निपटारे की बात कही। उन्होंने दावा किया कि भाई राजोआणा का कहना है कि उन्होंने जो भी कार्य किया, उसे लेकर वे किसी तरह की माफी नहीं मांग रहे हैं।
धामी ने कहा कि भाई राजोआणा से मौजूदा स्थिति और आगे की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है तथा जल्द ही इस संबंध में ठोस निर्णय लिया जाएगा।
भाई जगतार सिंह हवारा के मुद्दे पर भी चिंता
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने बताया कि भाई बलवंत सिंह राजोआना ने भाई जगतार सिंह हवारा के अधिकारों को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार, भाई हवारा को उनकी बुजुर्ग और बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल नहीं दिए जाने का मुद्दा भी बातचीत में उठा। ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि बंदी सिखों से जुड़े मामलों में सरकारों को मानवीय और न्यायसंगत दृष्टिकोण अपनाते हुए बिना अनावश्यक देरी के निर्णय लेने चाहिए।
समय पर फैसला नहीं हुआ तो पांच सिंह साहिबान की बैठक
ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि यदि भाई राजोआणा के मामले में समय पर निर्णय नहीं लिया गया तो पांच सिंह साहिबान की बैठक बुलाकर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में भाई बलवंत सिंह राजोआना की भावनाओं को भी ध्यान में रखा जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि 2 अक्टूबर को बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर प्रस्तावित मार्च को श्री अकाल तख्त साहिब का समर्थन है। उन्होंने मीडिया से भी बंदी सिंहों से जुड़े मानवाधिकार के मामलों को प्रमुखता से उठाने की अपील की।
SGPC ने बताया ‘कौमी मसला’
एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि भाई बलवंत सिंह राजोआना का मामला केवल व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि सिख समुदाय से जुड़ा एक व्यापक मुद्दा है। उन्होंने कहा कि भाई राजोआणा, भाई जगतार सिंह हवारा सहित सभी बंदी सिंहों की रिहाई के लिए SGPC अपनी भूमिका निभाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर 2 अक्टूबर को निकाले जा रहे मार्च को SGPC की ओर से पूर्ण समर्थन दिया गया है।

