
होशियारपुर: डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने डिजीटल क्रॉप सर्वे को कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन की दिशा में एक अहम कदम बताया है। उन्होंने कहा कि परंपरागत खसरा-गिरदावरी पद्धति को आधुनिक तकनीक से जोड़कर इसे अधिक पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध बनाया जा रहा है। जिससे किसानों को वास्तविक लाभ मिल सकेगा। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस योजना के तहत पटवारियों को स्मार्टफोन आधारित डिजीटल क्रॉप सर्वे एप से लैस किया गया है, जिसके माध्यम से वे खेतों में जाकर संबंधित खसरा नंबर डालकर वास्तविक फसल की तस्वीरें लेकर उन्हें तत्काल ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
इससे न केवल भ्रामक या फर्जी रिपोटिर्ंग पर लगाम लगेगी, बल्कि किसानों को भी वास्तविक आंकड़ों के आधार पर सरकार की योजनाओं और मुआवजों का सही लाभ मिलेगा। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जिले में यह अभियान तेज रफ्तार से प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि पटवारियों की सीमित संख्या को देखते हुए नहरी विभाग, कृषि विभाग व भूमि संरक्षण विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की सहायता ली जा रही है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 17 अप्रैल तक यह कार्य पूर्ण किया जाएगा ।
आशिका जैन ने जानकारी दी कि इस अभियान में 12वीं पास युवाओं को भी शामिल किया जा सकता है और उन्हें मेहनताना प्रदान किया जाएगा। इच्छुक युवा अपनी संबंधित तहसीलों में संपर्क कर इस कार्य में भागीदार बन सकते हैं। यह उनके लिए एक सामाजिक योगदान के साथ रोजगार का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि डिजीटल क्रॉप सर्वे से न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता आएगी, बल्कि किसानों को भी समय पर सरकारी लाभ और मुआवजा मिल सकेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। डिप्टी कमिश्नर ने विश्वास जताया कि होशियारपुर जिला, डिजीटल क्रॉप सर्वे के सफल क्रियान्वयन में राज्य भर के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरेगा।
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