Last Updated: October 14, 2026

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जालंधर में 14.64 लाख वोटरों के गणना फॉर्म की डिजिटाइजेशन पूरी, 13 अगस्त को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट

August 8, 2026

जालंधर में 14.64 लाख वोटरों के गणना फॉर्म की डिजिटाइजेशन पूरी, 13 अगस्त को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट

जालंधर: भारतीय चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत जालंधर जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)-2026 के घर-घर गणना अभियान का काम पूरा हो गया है। 25 जून से 3 अगस्त तक चले इस चरण में बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर वोटरों के गणना फॉर्म की प्रक्रिया पूरी की।

डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारी वरजीत वालिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जिले में कुल 16,49,946 वोटर दर्ज हैं। इनमें से 14,64,949 वोटरों के गणना फॉर्म जमा होने के बाद उनकी डिजिटाइजेशन का काम पूरा कर लिया गया है। वहीं, 1,84,997 वोटरों के फॉर्म प्राप्त नहीं हुए। जांच के दौरान इनमें 50,520 मृतक, 94,356 दूसरे स्थान पर जा चुके, 8,961 डुप्लीकेट एंट्री, 30,157 अनुपलब्ध या पता नहीं चल सके वोटर और 1,003 अन्य मामलों में पाए गए।

13 अगस्त को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट

जिला चुनाव अधिकारी ने बताया कि 13 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 12 सितंबर तक वोटर अपने नाम या विवरण से जुड़ी आपत्ति और दावे दर्ज करा सकेंगे। जिन लोगों ने अभी तक गणना फॉर्म जमा नहीं किया है, वे 13 अगस्त से 12 सितंबर के बीच फॉर्म नंबर-6 भरकर अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल करवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ जरूरी घोषणा पत्र भी देना होगा।

दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 8 अक्टूबर 2026 तक मामलों का निपटारा किया जाएगा। इसके बाद 12 अक्टूबर को अंतिम वोटर लिस्ट जारी होगी।

16 अगस्त को पोलिंग बूथों पर विशेष कैंप

वरजीत वालिया ने वोटरों से अपील की कि ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद वे अपना नाम और अन्य जानकारी जरूर जांचें। इसके लिए ECI Net ऐप, CEO पंजाब की वेबसाइट और जालंधर जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा जिला चुनाव कार्यालय और चुनाव रजिस्ट्रेशन अधिकारियों के कार्यालयों में भी सूची उपलब्ध रहेगी। वोटरों की सुविधा के लिए 16 अगस्त, रविवार को जिले के सभी पोलिंग बूथों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे।

1.46 लाख वोटरों की मैपिंग नहीं हुई

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 1,46,551 वोटर ऐसे हैं, जिनका 2003 की वोटर लिस्ट से मिलान नहीं हो पाया है। वहीं 2,02,187 वोटर लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी यानी एनामली श्रेणी में रखे गए हैं। ऐसे मामलों में चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर के जरिए नोटिस तैयार किए जाएंगे, जिन्हें बूथ लेवल अधिकारी संबंधित वोटरों तक पहुंचाएंगे। नोटिस वोटर या उसके किसी वयस्क परिवार के सदस्य अथवा रिश्तेदार को दिया जा सकता है। इसमें जरूरी दस्तावेजों और आगे की प्रक्रिया की जानकारी होगी।

योग्य वोटर का नाम बिना प्रक्रिया नहीं हटेगा

जिला चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी योग्य व्यक्ति का नाम बिना निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जाएगा। हर मामले की अलग से जांच होगी और संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। उन्होंने घर-घर अभियान में सहयोग देने वाले बूथ लेवल अधिकारियों, राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों और आम लोगों का धन्यवाद किया। साथ ही राजनीतिक दलों, बीएलए और नागरिकों से आगे की प्रक्रिया में भी सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि SIR अभियान का उद्देश्य वोटर लिस्ट को सही, अपडेटेड और पारदर्शी बनाना है, ताकि योग्य नागरिकों का नाम सूची में रहे और वे अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।

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