मोगा (दलीप कुमार): मथुरादास सिविल अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के दावों के बीच निजी एंबुलेंस संचालकों की मनमानी का मामला सामने आया है। शुक्रवार को एक मृतक के शव को बिहार स्थित उसके पैतृक गांव ले जाने के लिए निजी एंबुलेंस के किराये को लेकर दो संचालकों के बीच विवाद हो गया।
एक संचालक ने शव बिहार पहुंचाने के लिए 50 हजार रुपये, जबकि दूसरे ने 40 हजार रुपये की मांग की। इतनी अधिक राशि सुनकर मृतक के परिजनों में रोष फैल गया। जानकारी के अनुसार मोगा-अमृतसर रोड पर दमकल विभाग की गाड़ी की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार दो मजदूर घायल हो गए थे। हादसे में बिहार निवासी बिट्टू कुमार गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दमकल विभाग की गाड़ी के चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।पोस्टमार्टम के बाद शव को बिहार के जिला लखीसराय स्थित पैतृक गांव दामोदरपुर ले जाने की तैयारी की गई। इसी दौरान निजी एंबुलेंस की व्यवस्था को लेकर विवाद शुरू हो गया। परिजनों के अनुसार एक एंबुलेंस संचालक ने 50 हजार रुपये और दूसरे ने 40 हजार रुपये किराये की मांग की। इसको लेकर दोनों के बीच अस्पताल परिसर में बहस भी हुई।
परिजनों का कहना था कि परिवार का सदस्य हादसे में जान गंवा चुका है और वे पहले ही गहरे सदमे में हैं। ऐसे में शव को घर पहुंचाने के लिए इतनी बड़ी रकम की मांग उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक परेशानी पैदा कर रही है। स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में दिनभर निजी एंबुलेंस संचालकों की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जरूरतमंद परिवारों को मजबूरी में निजी एंबुलेंस की सेवाएं लेनी पड़ती हैं।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि एंबुलेंस के किराये की दरों पर निगरानी रखी जाए और अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस संचालकों की गतिविधियों की भी जांच की जाए, ताकि मरीजों और मृतकों के परिजनों से मनमाना किराया वसूले जाने की शिकायतों पर रोक लग सके।
📍 Location: मोगा

