अमृतसरः पंजाब गवर्नमेंट रिसोर्स सेंटर, करमपुरा, अमृतसर की तरफ से डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स में लगाई गई तीन दिन की दिवाली गिफ़्ट एग्ज़िबिशन और सेल का उद्घाटन एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल) पल्लवी मिश्रा ने किया। डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (एलिमेंट्री) कवलजीत सिंह भी इस मौके पर खास तौर पर मौजूद थे।
इस मौके पर बताया गया कि लगभग चार साल के गैप के बाद, क्राफ्टिज़न फ़ाउंडेशन के साथ मिलकर स्पेशल ज़रूरतों वाले बच्चों के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोजेक्ट फिर से शुरू किया गया है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद बच्चों की स्किल्स को बेहतर बनाना, उन्हें रोज़गार वाली ट्रेनिंग देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए बढ़ावा देना है।
एग्ज़िबिशन में स्पेशल नीड्स वाले स्टूडेंट्स असलिन कौर, गुरमीत कौर, अमृतपाल सिंह, गुरसिमरन सिंह (सुनने में दिक्कत) और सहजप्रीत सिंह (सेरेब्रल पाल्सी) के बनाए दिवाली गिफ्ट और अलग-अलग डेकोरेटिव प्रोडक्ट्स दिखाए गए। इन बच्चों की मेहनत और क्रिएटिविटी को लोगों से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला और एग्ज़िबिशन के पहले दिन 8,300 रुपये की बिक्री हुई।
एडिशनल डिप्टी कमिश्नर पल्लवी मिश्रा ने बच्चों के बनाए प्रोडक्ट्स को देखते हुए उनकी मेहनत, लगन और टैलेंट की बहुत तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि इस तरह की कोशिशें न सिर्फ़ स्पेशल नीड्स वाले बच्चों को अपना टैलेंट दिखाने का एक प्लैटफ़ॉर्म देती हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, आत्म-सम्मान और आत्मनिर्भरता की भावना को भी मज़बूत करती हैं।
उन्होंने सभी सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और शहर के लोगों से अपील की कि वे ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में इस एग्ज़िबिशन में आएं और बच्चों के बनाए प्रोडक्ट्स खरीदकर उनकी हिम्मत बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि इन प्रोडक्ट्स की हर खरीद न सिर्फ़ बच्चों के हुनर को पहचान दिलाएगी बल्कि उनके सुनहरे भविष्य को बनाने में भी मदद करेगी। यह तीन दिन की एग्ज़िबिशन 4 नवंबर से 6 नवंबर, 2026 तक अमृतसर के डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स में लगाई जा रही है।
इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए वोकेशनल ट्रेनर सुखराज कौर, मनिंदर कौर और निधि, स्पेशल टीचर नीरज बाला, तरुण और सुखराज सिंह के अलावा DSE ए.बी. मौर्या अहम मदद कर रहे हैं। धर्मिंदर सिंह इस प्रोजेक्ट के नोडल इंचार्ज के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं। इस दिवाली, सिर्फ़ गिफ़्ट ही न खरीदें, बल्कि स्पेशल ज़रूरतों वाले बच्चों के हुनर, हिम्मत और सपनों का भी सम्मान करें।

