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अमृतसर में बेटियों संग मनाया दशहरा, दिवाली सेल से संवरेगा भविष्य

Diwali Sale to Support Girls’ Welfare in Amritsar : अमृतसर। सत्र न्यायाधीश जतिंदर कौर ने दुर्गा पूजा और दशहरे के अवसर पर स्टेट आफ्टर केयर होम का दौरा कर वहां रह रही करीब 50 लड़कियों और युवतियों का हालचाल जाना। कन्या पूजन के जरिए बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का संदेश दिया गया। लड़कियों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित वस्तुएं आगामी दिवाली सेल में बेची जाएंगी और इससे मिलने वाली पूरी राशि उनके पालन-पोषण व सर्वांगीण विकास पर खर्च की जाएगी।

उनके साथ सिविल जज (सीनियर डिवीजन) और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), अमृतसर के सचिव, श्री अमरदीप सिंह बैंस भी मौजूद थे। वर्तमान में, ‘स्टेट आफ्टर केयर होम’ में लगभग 50 लड़कियां और युवतियां रह रही हैं। अपने दौरे के दौरान, माननीय सत्र न्यायाधीश ने वहां रहने वाली सभी लड़कियों से बातचीत की और उनके स्वास्थ्य, कुशलक्षेम तथा रहन-सहन की स्थितियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने उनकी बातों को धैर्यपूर्वक सुना और इस बात पर जोर दिया कि वहां रहने वाली हर लड़की की उचित देखभाल हो, उन्हें एक सुरक्षित और सहायक वातावरण मिले तथा उनके शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जाए।

संस्था के कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक भी हुई, जिसमें वहां रहने वालों की देखभाल, कल्याण और दैनिक जरूरतों से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियां पूरी लगन, संवेदनशीलता और करुणा के साथ निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही, इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि वहां रहने वाली हर लड़की के साथ गरिमा, सम्मान और स्नेहपूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए। दशहरा और पारंपरिक ‘कंजक पूजन’ (कन्या पूजन) ने उत्सव के माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया। इस अवसर पर वहां रहने वाली सभी लड़कियों को जलपान कराया गया, जिससे उनके बीच खुशी और त्योहार का उत्साह देखने को मिला।

इस दौरे के दौरान ‘कंजक पूजन’ (कन्या पूजन) के विशेष महत्व को भी रेखांकित किया गया। यह परंपरा नवरात्रि और दुर्गा पूजा से जुड़ी है, जिसमें छोटी बच्चियों को देवी दुर्गा के रूप में पूजा जाता है। यह नारी शक्ति के प्रति सम्मान का प्रतीक है और समाज को याद दिलाता है कि हर लड़की का सम्मान, सुरक्षा और सही परवरिश अत्यंत आवश्यक है। वहाँ रहने वाली लड़कियों ने अपनी रचनात्मकता और कौशल का प्रदर्शन करते हुए कई सुंदर हस्तनिर्मित वस्तुएँ तैयार की हैं, जैसे कि हाथ से बुने हुए बैग, सजावटी हेयर क्लिप, मैक्रैम वॉल हैंगिंग, मोतियों वाले ब्रेसलेट, कढ़ाई वाले पाउच और हाथ से पेंट किए गए मिट्टी के दीये।

इन वस्तुओं को अमृतसर की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा आगामी दिवाली सेल के दौरान बेचा जाएगा। इस बिक्री से प्राप्त पूरी राशि ‘स्टेट आफ्टर-केयर होम फॉर गर्ल्स’ (लड़कियों के लिए राज्य देखभाल गृह) को दान कर दी जाएगी, जिसका उपयोग विशेष रूप से उनके पालन-पोषण और सर्वांगीण उत्थान के लिए किया जाएगा। इस दौरे ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के संदेश को भी और मजबूत किया, जो लड़कियों की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण पर जोर देता है। यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी को रेखांकित करता है कि वह हर लड़की को महत्व दे, उसे समान अवसर प्रदान करे और उसे सम्मान, स्वतंत्रता और आत्म-सम्मान के साथ जीवन जीने में सक्षम बनाए।

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