Site icon Dainik Savera Times

भीख मांगने वाले बच्चों के असली माता-पिता की पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण अभियान शुरू, अगले सप्ताह से होगी सैंपलिंग

लुधियाना DNA Test : प्रोजैक्ट जीवनज्योत 2.0 के तहत लुधियाना जिले में सड़कों पर बड़ों के साथ भीख मांगते बच्चों की पहचान और उनके असली माता-पिता की पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण अभियान अगले सप्ताह से शुरू किया जा रहा है। बच्चों के डीएनए टैस्ट करवाने के लिए डीसी हिमांशु जैन ने एडीसी शहरी विकास रूपिंदर पाल सिंह की अगुवाई में एक कमेटी का गठन किया है।

कमेटी में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक व सैकेंडरी), सिविल सर्जन, पुलिस कमिश्नरेट और नगर निगम लुधियाना के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। कमेटी का मुख्य कार्य शहर के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी कर उन बच्चों की पहचान करना है जो बड़ों के साथ भीख मांगते नजर आते हैं।

इन बच्चों का डीएनए टैस्ट कराया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके साथ मौजूद व्यक्ति उनके जैविक माता-पिता हैं या नहीं। जांच पूरी होने तक बच्चों को प्रशासन बाल संरक्षण केंद्रों में रखेगा। रिपोर्ट आने के बाद बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

राज्य में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रोजैक्ट जीवनज्योत 2.0 शुरू

पंजाब राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की उपाध्यक्ष गुंजीत रु चि बावा ने शुक्र वार को ‘प्रोजैक्ट जीवनज्योत 2.0’ की शुरु आत की घोषणा की। यह परियोजना बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय टास्क फोर्स के गठन के आदेश भी दिए। हर जिले में गठित होने वाली यह टास्क फोर्स डीसी की अध्यक्षता में कार्य करेगी, जिसमें पुलिस आयुक्त या पुलिस अधीक्षक, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला श्रम अधिकारी जैसे प्रमुख अधिकारी शामिल होंगे।

ये टास्क फोर्स पंजाब बाल अधिकार संरक्षण आयोग के मार्गदर्शन में काम करेंगी और उन्हें प्रभावी क्रि यान्वयन के लिए सभी आवश्यक सहयोग और समन्वय प्रदान किया जाएगा। आयोग ने सभी जिलों को एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी जारी किया है, जिसमें जीवनज्योत 2.0 परियोजना को लागू करने के स्पष्ट दिशा-निर्देश शामिल हैं। एसओपी के तहत उन बच्चों का डीएनए टैस्ट अनिवार्य रूप से कराने की व्यवस्था की गई है जो बड़ों के साथ भीख मांगते पाए जाते हैं। यह कदम बच्चों की तस्करी और शोषण को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा। बावा ने सभी संबंधित विभागों और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण मिशन में मिलकर सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जीवनज्योत 2.0 पंजाब के बच्चों के लिए एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

Exit mobile version