मोगा: नई नगर निगम के पहले एजेंडे को लेकर भाजपा के जिला अध्यक्ष डॉ. हरजोत कमल ने नगर निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नए सदन की पहली बैठक से शहरवासियों को विकास कार्यों और गंभीर समस्याओं के समाधान को लेकर बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन एजेंडे में न तो कोई बड़ा विकास कार्य दिखाई दिया और न ही शहर की मौजूदा समस्याओं से निपटने के लिए कोई ठोस एक्शन प्लान शामिल किया गया।
डॉ. हरजोत कमल ने कहा कि मोगा इस समय कचरे के ढेर, खराब ड्रेनेज व्यवस्था और पेयजल में सीवरेज मिश्रित होने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है, जबकि कचरे के ढेर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। ऐसे में पहली बैठक के एजेंडे में इन समस्याओं के स्थायी समाधान की योजना होनी चाहिए थी।उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान कुछ पार्षदों ने भी शहर की समस्याओं को लेकर आवाज उठाई, लेकिन केवल आपत्तियां दर्ज होने और चर्चा के बाद बिना किसी ठोस निर्णय के बैठक समाप्त हो जाना निराशाजनक है। सर्वेक्षण या समस्या गिनाने की बजाय समाधान पर बात होनी चाहिए उन्होंने कहा।
सौंदर्यीकरण पर सवाल, घंटाघर प्रोजेक्ट की जांच की मांग
डॉ. हरजोत कमल ने शहर के सौंदर्यीकरण पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोगों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं तो केवल सौंदर्यीकरण पर पैसा खर्च करने का क्या औचित्य है। उन्होंने घंटाघर प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए इसकी लागत करीब ₹22.50 लाख होने और डिजाइन में बदलाव किए जाने पर पारदर्शिता की मांग की।उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की करीब 25 दिन चली हड़ताल के बाद शहर में जमा कचरे को युद्धस्तर पर हटाना नगर निगम की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए थी। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारी और संसाधन जुटाने की जरूरत थी।
भाजपा नेता ने मांग की कि नगर निगम कचरा निस्तारण, ड्रेनेज, जलभराव और पेयजल समस्या पर स्पष्ट समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उसे सदन के सामने रखे। उन्होंने कहा कि जनता को केवल सौंदर्यीकरण के दावे नहीं, बल्कि साफ-सफाई, जलनिकासी और सुरक्षित पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं चाहिए।
📍 Location: मोगा

