Dainik Savera Times

डॉ. रूपिंदर आत्महत्या मामला : VC की चुप्पी पर भड़के शिक्षक, प्रदर्शन की चेतावनी

Dr. Rupinder suicide case : अमृतसर। खालसा कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रूपिंदर सिंह की आत्महत्या के मामले में एसोसिएशन ऑफ़ यूनाइटेड कॉलेज टीचर्स (AUCT) पंजाब एवं चंडीगढ़ ने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. करमजीत सिंह की चुप्पी पर कड़ा एतराज़ जताया है संगठन के अध्यक्ष प्रो. तरुण घई ने आरोप लगाया कि शिक्षक के कथित आर्थिक शोषण और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन की असंवेदनशीलता चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो शिक्षक समुदाय वाइस चांसलर कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगा।

शिक्षक संगठन ने उठाए शोषण के आरोप

एसोसिएशन ऑफ़ यूनाइटेड कॉलेज टीचर्स पंजाब एंड चंडीगढ़ के प्रेसिडेंट प्रो. तरुण घई ने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. करमजीत सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि हम, पंजाब के शिक्षक, खालसा कॉलेज, अमृतसर में कंप्यूटर साइंस और एप्लीकेशन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रूपिंदर सिंह की आत्महत्या के मामले में आपकी असंवेदनशील और बेरहम चुप्पी पर गहरा दुख व्यक्त कर रहे हैं। प्रो. घई ने कहा कि हमने वाइस चांसलर को लिखा है कि खालसा कॉलेज अमृतसर (जो यूनिवर्सिटी की बाउंड्री वॉल के ठीक बगल में है) के बहुत काबिल, अनुभवी और समर्पित शिक्षक डॉ. रूपिंदर सिंह ने अपने कॉलेज के तानाशाही मैनेजमेंट द्वारा लगातार किए जा रहे आर्थिक शोषण से तंग आकर आत्महत्या कर ली। यह दुखद घटना लंबे समय से हो रहे मानसिक उत्पीड़न और शोषण का अंतिम नतीजा थी, जिसका ज़िक्र डॉ. रशपाल सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में स्पष्ट रूप से किया है।

VC की चुप्पी पर शिक्षकों का रोष

घई ने कहा कि हम लंबे समय से कॉलेज मैनेजमेंट द्वारा शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय और शोषण की ओर आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए लगातार आपको पत्र लिख रहे हैं। इस दुखद घटना के बाद भी, हमने आपको इस बहुमूल्य जीवन के दुखद नुकसान के बारे में सूचित करने के लिए पत्र लिखा और आपसे मिलने का समय भी मांगा। लेकिन यह अत्यंत दुख और खेद की बात है कि न तो आपने अपनी यूनिवर्सिटी के ठीक पास हुई इस दिल दहला देने वाली घटना पर कोई गंभीर ध्यान दिया और न ही एक हफ़्ता बीत जाने के बाद भी हमारी मुलाकात की अपील का जवाब देना ज़रूरी समझा। आपकी यह चुप्पी हमें बेहद असंवेदनशील और अमानवीय लगती है। इसलिए, हम आपको सूचित करते हैं कि डॉ. रूपिंदर सिंह को न्याय दिलाने और शिक्षक समुदाय के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए हम जल्द ही आपके कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

Exit mobile version