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पुरानी पेंशन और बकाया भत्तों की मांग, संगरूर रैली के लिए DTF ने तेज की लामबंदी

DTF Mobilises Moga Teachers for October 10 Sangrur Rally : मोगा। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) पंजाब की जिला इकाई मोगा ने 10 अक्टूबर को संगरूर में होने वाली रैली को सफल बनाने के लिए जिलेभर में अभियान तेज कर दिया है। संगठन के पदाधिकारी विभिन्न ब्लॉकों के स्कूलों और जनगणना केंद्रों में पहुंचकर शिक्षकों से संपर्क कर रहे हैं।

DTF नेताओं ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, महंगाई भत्ते की बकाया किस्तें जारी करने, पुराने वेतनमान बहाल करने और लंबित भत्तों का भुगतान करने सहित अन्य मांगें उठाईं। संगठन ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है और शिक्षकों से रैली में बड़ी संख्या में शामिल होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने की अपील की। इस अभियान के तहत संगठन के पदाधिकारी विभिन्न ब्लॉकों के स्कूलों और जनगणना केंद्रों में पहुंचकर शिक्षकों से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें अपनी मांगों के समर्थन में रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जिला कमेटी के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान शिक्षकों को कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों और उनके अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया जा रहा है।

संगठन का कहना है कि सरकार तक कर्मचारियों की आवाज प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सामूहिक भागीदारी और संगठनात्मक एकता बेहद जरूरी है। इस अभियान के तहत डीटीएफ पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजयपाल शर्मा और बाघापुराना ब्लॉक अध्यक्ष सुखविंदर सिंह घोलियां ने बाघापुराना ब्लॉक के विभिन्न स्कूलों और जनगणना केंद्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों के साथ बातचीत की और उन्हें संगरूर रैली में भाग लेने का निमंत्रण दिया। इसी तरह जिला अध्यक्ष सुखपालजीत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजयपाल शर्मा और स्वर्णदास ने धर्मकोट ब्लॉक के जनगणना केंद्रों में पहुंचकर शिक्षकों से संपर्क किया और रैली को सफल बनाने की अपील की।

 
 

निहाल सिंह वाला ब्लॉक में ब्लॉक अध्यक्ष अमनदीप माछीके और सचिव गुरमीत सिंह झोरड़ा के नेतृत्व में विभिन्न स्कूलों और जनगणना केंद्रों में लामबंदी की गई। इसके अलावा जगजीत सिंह रणियां, अमरदीप सिंह बुट्टर, सुखजीत सिंह कुस्सा, नरेंद्र सिंह, मोटू वर्मा, नछत्तर सिंह और नवदीप सिंह धूड़कोट सहित अन्य नेताओं ने भी अलग-अलग ब्लॉकों के स्कूलों में जाकर शिक्षकों से संपर्क स्थापित किया। कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार के प्रति रोष डीटीएफ नेताओं ने कहा कि पंजाब के शिक्षकों और अन्य सरकारी कर्मचारियों की कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं।

इनमें पुरानी पेंशन योजना बहाल करना, महंगाई भत्ते की बकाया किस्तें जारी करना, पंजाब के कर्मचारियों के लिए पुराने वेतनमान बहाल करना तथा लंबित भत्तों का भुगतान करना प्रमुख मांगें हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से संबंधित अन्य मांगों का समाधान करवाने के लिए भी लगातार आवाज उठाना जरूरी है। नेताओं ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किए जाने के कारण शिक्षक वर्ग में रोष है।

उन्होंने कहा कि 10 अक्टूबर को संगरूर में होने वाली रैली के माध्यम से सरकार तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि शिक्षक और कर्मचारी अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए एकजुट हैं और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शिक्षकों से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील डीटीएफ मोगा के नेताओं ने जिले के सभी शिक्षकों से अपील की कि वे निजी व्यस्तताओं से ऊपर उठकर 10 अक्टूबर को संगरूर में होने वाली रैली में बढ़-चढ़कर भाग लें।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की अधिक भागीदारी से कर्मचारी आंदोलन को मजबूती मिलेगी और लंबित मांगों के समाधान के लिए सरकार पर दबाव बनाया जा सकेगा। संगठन की ओर से रैली की सफलता के लिए अभियान को और तेज किया जा रहा है। विभिन्न ब्लॉकों में शिक्षकों से लगातार संपर्क स्थापित कर उन्हें एकजुट होने और अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने का संदेश दिया जा रहा है।

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