
मोगा: बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरे का त्योहार मोगा शहर में मंगलवार को श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर दशहरा समारोह आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर त्योहार की खुशियां साझा कीं। समारोहों के दौरान कुंभकर्ण, मेघनाद और रावण के पुतलों का दहन किया गया। पुतलों के दहन के समय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरा माहौल त्योहार की उमंग से सराबोर नजर आया।
दशहरा समारोहों में मोगा की विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और कांग्रेस की हलका प्रभारी मालविका सूद ने भी शिरकत की। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक लोगों और शहरवासियों ने समारोहों में पहुंचकर त्योहार की खुशियां साझा कीं। लोगों ने परिवारों सहित समारोहों में भाग लिया और दशहरे की परंपराओं का आनंद उठाया।
शहर के अलग-अलग स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में लोगों की भीड़ देखने को मिली। पुतलों के दहन को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह रहा। लोगों ने एक-दूसरे को दशहरे की शुभकामनाएं दीं और आपसी प्रेम, भाईचारे तथा सामाजिक एकता का संदेश दिया। समारोहों के दौरान त्योहार की रौनक देखते ही बनती थी।
दशहरे का त्योहार भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व रखता है। यह पर्व भगवान श्रीराम की ओर से रावण पर विजय प्राप्त करने की याद में मनाया जाता है। रावण के पुतले का दहन अहंकार, अन्याय और बुराई के अंत का प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार लोगों को संदेश देता है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सत्य, धर्म और अच्छाई की ही होती है।
दशहरा केवल पुतलों के दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्ममंथन करने और अपने भीतर मौजूद बुराइयों को दूर करने की प्रेरणा भी देता है। समाज में फैली बुराइयों, आपसी वैमनस्य, अहंकार और अन्याय से दूर रहकर सत्य तथा सदाचार के मार्ग पर चलना ही इस पर्व की वास्तविक भावना है।
मोगा में विभिन्न स्थानों पर आयोजित दशहरा समारोहों ने शहर में उत्सव का माहौल बना दिया। लोगों ने आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ त्योहार मनाया। इस अवसर पर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश एक बार फिर जन-जन तक पहुंचा और लोगों ने सकारात्मक सोच तथा सामाजिक एकता के साथ जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
📍 Location: मोगा
मेष: दिन शुभ रहेगा...