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पंजाब में ‘शिक्षा क्रांति’ : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस की स्थापना और शिक्षक प्रशिक्षण पर दिया जोर

पंजाब सरकार की “शिक्षा क्रांति” योजना के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य में 118 स्कूल ऑफ़ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं, जिन पर कुल 231.74 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की मुख्य रणनीति के रूप में पंजाब सरकार शिक्षक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है। इस दिशा में व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम, तकनीकी एकीकरण और योग्यता आधारित शिक्षा मॉड्यूल लागू किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने 5,000 से अधिक शिक्षकों के लिए एक मुफ्त ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें उन्हें आईआईटी मद्रास-प्रवर्तक के सहयोग से छात्रों के करियर में मार्गदर्शक बनने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में शिक्षक गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

इसके अंतर्गत 234 प्रिंसिपल और शिक्षा अधिकारियों को सिंगापुर में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, 152 हेड टीचरों को आईआईएम अहमदाबाद में एडवांस्ड कोचिंग, और 144 प्राइमरी शिक्षकों को फिनलैंड की तुर्कू यूनिवर्सिटी में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

शिक्षकों को अपने मुख्य कर्तव्यों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करने के लिए 1920 कैंपस मैनेजर नियुक्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बच्चों को ऊंचाइयों तक पहुँचाने और उनके सपनों को साकार करने के लिए 2022 में ‘शिक्षा क्रांति’ की शुरुआत की गई थी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिक्षकों की भूमिका को महत्व देते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं। उन्होंने गुरु शब्द का अर्थ बताते हुए कहा कि यह दो संस्कृत शब्दों “गु” (अंधेरा) और “रु” (हटाने वाला) से मिलकर बना है। गुरु का मतलब है वह जो अंधेरा हटाता है, यानी शिक्षक का कर्तव्य छात्रों के मन को ज्ञान की रोशनी से प्रकाशित करना है।

स्कूल ऑफ़ एमिनेंस की विशेषताएँ

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि इन स्कूलों में छात्रों को मुफ्त यूनिफॉर्म दी जाती है, लड़कियों के लिए बस सेवाओं की व्यवस्था है और छात्रों को सशस्त्र बल, नीट, जेईई, सीएलएटी और एनआईएफ़टी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग प्रदान की जा रही है। उन्होंने ये भी साझा किया कि स्कूल ऑफ़ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के छात्रों में 265 ने जेईई मेन्स, 44 ने जेईई एडवांस्ड और 848 ने नीट क्वालिफाई किया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये स्कूल “आधुनिक युग के मंदिर” के रूप में कार्य करेंगे और हजारों छात्रों की ज़िंदगी को रोशन करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी बताया कि प्राइवेट स्कूलों के छात्र भी अब इन स्कूलों में प्रवेश लेना चाहते हैं, जो इस मॉडल की सफलता को दर्शाता है।

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