Site icon Dainik Savera Times

शिक्षा क्रांतिः स्कूल ऑफ एमिनेंस में छात्रों को कराई जाएगी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी

पंजाब सरकार ने राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के अनुसार, स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग दी जा रही है। इस कोचिंग में छात्रों को सशस्त्र बल,नीट, जेईई, सीएलएटी और एनआईएफ़टी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि 265 छात्रों ने जेईई मेन्स, 44 छात्रों ने जेईई एडवांस, और 848 छात्रों ने नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। यह पहल छात्रों के करियर को आगे बढ़ाने और उन्हें उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पंजाब सरकार ने टीचर ट्रेनिंग पर विशेष जोर दिया है और इसके लिए कई व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम, टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन और योग्यता-आधारित शिक्षा मॉड्यूल लागू किए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने आईआईटी मद्रास-प्रवर्तक के साथ मिलकर 5,000 से अधिक शिक्षकों के लिए छात्रों के करियर मेंटर के रूप में मुफ्त, ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है।

टीचर ट्रेनिंग की गुणवत्ता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 234 प्रिंसिपल और शिक्षा अधिकारियों को सिंगापुर में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। 152 हेड टीचरों को आईआईएम अहमदाबाद में एडवांस्ड कोचिंग दी गई। 144 प्राइमरी शिक्षकों ने फिनलैंड के तुर्कू विश्वविद्यालय में विशेष प्रशिक्षण लिया।

टीचर्स को अपने मुख्य कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करने के लिए 1920 कैंपस मैनेजर भी नियुक्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि 2022 में पंजाब में बच्चों को ऊंचाइयों तक पहुँचाने और उनके सपनों को साकार करने के उद्देश्य से “शिक्षा क्रांति” शुरू की गई थी।पंजाब सरकार ने पेरेंट-टीचर मीटिंग का कॉन्सेप्ट भी शुरू किया है, जिसे माता-पिता से बहुत अच्छा समर्थन मिला है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में वर्तमान में 19,200 सरकारी स्कूल हैं और लगभग 25 लाख माता-पिता ने पेरेंट-टीचर मीटिंग में हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन पहलों के माध्यम से पंजाब सरकार न केवल छात्रों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद कर रही है, बल्कि शिक्षकों की दक्षता बढ़ाकर पूरे शिक्षा तंत्र को मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है।

Exit mobile version