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कर्मचारी-पेंशनरों का सरकार के खिलाफ मोर्चा, 8 से संघर्ष का ऐलान

Employees’ and Pensioners’ Front : मोगा। पंजाब मुलाजिम एवं पेंशनर साझा फ्रंट और सांझा मुलाजिम मंच ने कर्मचारियों व पेंशनरों की मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का ऐलान किया है। जिला मोगा में 8 सितंबर को डीसी कार्यालय के बाहर रोष धरना दिया जाएगा, जबकि 12 सितंबर को विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के आवास और 19 सितंबर को धर्मकोट विधायक के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

बैठक में नेताओं ने कर्मचारियों, पेंशनरों, किसानों और मजदूरों से संघर्ष में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की। इसके अलावा 12 सितंबर को पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के गांव संधवां स्थित आवास का घेराव तथा 19 सितंबर को धर्मकोट विधानसभा क्षेत्र के विधायक के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। बैठक में शामिल नेताओं भजन सिंह गिल, जगदीश सिंह चहल, सुरिंदर राम कुस्सा, दिग्विजय पाल शर्मा, सुरजीत सिंह गगड़ा, गुरजंट सिंह कोकरी, भूपिंदर सिंह सेखों, गुरमेल सिंह नाहर, पलविंदर सिंह सिद्धू, सुखपालजीत सिंह, सुखमंदर सिंह बाघापुराना, बलौर सिंह घाली, राम कृष्ण, प्रेम कुमार, मनजोत सिंह सहित अन्य सदस्यों ने इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत लगाने का निर्णय लिया।

नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार कर्मचारियों के प्रति दुश्मनी वाला रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों की लड़ाई केवल उनके हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम लोगों और उनके बच्चों के भविष्य से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार से वंचित किया जा रहा है और उन्हें कम वेतन पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीनों पर कब्जे की कोशिशें हो रही हैं, जबकि महंगाई ने गरीब मजदूर वर्ग की कमर तोड़ दी है। बढ़ती महंगाई के दौर में आम परिवारों के लिए बच्चों की शिक्षा, कपड़े और अन्य जरूरी जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल होता जा रहा है।

नेताओं ने कहा कि सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों का असर मौजूदा कर्मचारियों के साथ-साथ आने वाली पीढ़ी पर भी पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के वेतन में कटौती की तैयारी की जा रही है, जबकि नए कर्मचारियों को ठेकेदारी व्यवस्था या कम वेतन पर काम करने के लिए मजबूर किया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों, मजदूरों, किसानों और पेंशनरों से अपील की कि वे सरकार के खिलाफ घोषित किए गए संघर्ष कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर शामिल हों। नेताओं ने कहा कि 8 सितंबर को डीसी कार्यालय के बाहर होने वाले धरने में सभी साथी सुबह 11 बजे पहुंचें और किसी के फोन का इंतजार न करें, बल्कि इसे अपना फर्ज समझते हुए अन्य साथियों को भी सूचित करें।

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