Employees’ front against the government : लुधियाना। पंजाब के कर्मचारियों से जुड़े संगठनों के साझा मंच ‘मुलाज़म सांझा मंच पंजाब’ ने सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का ऐलान किया है। लुधियाना में हुई बैठक में 10 अहम फैसले लेते हुए 7 सितंबर तक मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया गया।
मांगें पूरी न होने पर 8 सितंबर को सामूहिक छुट्टी, 12-13 सितंबर को मंत्रियों के घेराव, 19-20 सितंबर को शिक्षा मंत्री का घेराव, 30 सितंबर को चंडीगढ़ में विधानसभा की ओर मार्च और 10 अक्टूबर को संगरूर में बड़ी रैली करने का फैसला लिया गया। मंच ने 21-22 अक्टूबर को भी सामूहिक छुट्टी लेकर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। 21 और 22 अक्टूबर को सामूहिक छुट्टी लेकर सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। ऐलान किया गया कि 12 और 13 सितंबर को मंत्रियों का घेराव किया जाएगा और बैरिकेड्स तोड़कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 19 और 20 सितंबर को शिक्षा मंत्री का घेराव करने का फ़ैसला किया गया।
10 अक्टूबर को संगरूर में एक बड़ी रैली की जाएगी। 30 सितंबर को चंडीगढ़ में विधानसभा की ओर मार्च करने का फ़ैसला किया गया। यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री सचिवालय को सटोज वापस लाने के लिए एक कार्यक्रम तय किया जाएगा। 1 से 7 सितंबर तक सरकार के ख़िलाफ़ संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने का फ़ैसला किया गया। यह भी ऐलान किया गया कि आने वाले दिनों में कर्मचारी मानव श्रृंखला बनाकर सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करेंगे। मंच के नेताओं ने कहा कि अगर सरकार कर्मचारियों की मांगों पर तुरंत ध्यान नहीं देती है, तो आने वाले दिनों में संघर्ष को और बढ़ाया जाएगा।

