चंडीगढ़: सैंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) की टीम ने सैक्टर-17 स्थित एस्टेट ऑफिस के एक कर्मचारी को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान राजकमल के रूप में हुई है। वह एस्टेट ऑफिस में बतौर क्लर्कनौकरी करता था। सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर उसके खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। उसे मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ आम आदमी पार्टी के नेता विकास नगर, मौलीजागरां निवासी देशराज सनावर ने शिकायत दी थी। उन्होंने शिकायत में बताया उनका सैक्टर-46 की मार्कीट में एक बूथ है, जिसका काफी सालों से किराया जमा नहीं करवाया गया था। उसपर लाखों रु पए किराया बकाया हो गया था। क्लर्क राजकमल ने उन्हें किराए में 5 लाख रु पए डिस्काउंट दिलाने का ऑफर दिया। जिसके एवज में उसने 1.40 लाख रु पए रिश्वत मांगी। जिसके चलते उन्होंने उसके खिलाफ सीबीआई को शिकायत दी।
सीबीआई ने शिकायत को वेरिफाई किया और फिर आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप लगाया। सोमवार को आरोपी ने देशराज को रिश्वत की पहली किस्त के 20 हजार रु पए देने के लिए बुलाया था। जैसे ही राजकमल ने रिश्वत की रकम पकड़ी, देशराज ने सीबीआई की टीम को इशारा कर दिया। सीबीआई की टीम फौरन मौके पर पहुंची और राजकमल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। देशराज ने बताया कि बूथ उनके पिता के नाम पर था। उनके पिता का कई वर्ष पहले निधन हो गया था। उन्होंने कई वर्षों से बूथ का किराया जमा नहीं करवाया। अब उनके पास कुछ पैसे जमा हुए तो उन्होंने बकाया खत्म करने के लिए एस्टेट आफिस में संपर्क किया। उन्हें अनुमान था कि उनके बूथ का पांच से छह लाख रु पए ही किराया बकाया होगा। लेकिन आरोपी ने उनके बूथ का साढ़े 12 लाख रु पए बकाया किराया बता दिया।

