Site icon Dainik Savera Times

प्रताप सिंह के हस्ताक्षर वाली चिट्ठी की फॉरैंसिक रिपोर्ट तक उनको साजिश का हिस्सा न बनाए : SGPC

अमृतसर: फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने और उन पर आरोप तय होने से पहले ही एसजीपीसी सैक्रेटरी प्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया है। प्रताप सिंह किसी साजिश का हिस्सा बन गए है। उक्त हस्ताक्षर वाली चिट्ठी की फॉरैंसिक जांच चल रही है। इस संबंध में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अधिकारी और कर्मचारी अब सैक्रेटरी प्रताप सिंह के पक्ष में उतर आए हैं। उन्होंने एसजीपीसी चीफ एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी से अपील करते कहा कि आरोप साबित होने से पहले सजा देना गैर-कानूनी है, इस फैसले का रिव्यू किया जाना चाहिए और प्रताप सिंह को तुरंत बहाल किया जाना चाहिए। अगर प्रताप सिंह इस मामले में दोषी साबित होते हैं, तो और भी सख्त सजा दी जानी चाहिए।

जिस तरह पूर्व मैनेजर राजिंदर सिंह ने जमीन बेचने के लिए हर तरह के झूठे कागजात तैयार किए हैं, उसी तरह यह चिट्ठी भी उस साजिश का हिस्सा है। जिसमें सैक्रेटरी प्रताप सिंह को फंसाया गया है। जमीन बेचकर राजिंदर सिंह ने गुरुद्वारे या शिरोमणि कमेटी के अकाउंट की जगह अपने पर्सनल अकाउंट में पैसे लेकर गुरु घर के साथ बहुत बड़ा फ्रॉड किया है। यह मामला जहां पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के पास जांच के लिए है, वहीं कोर्ट में भी केस चल रहा है चिट्ठी की फॉरैंसिक जांच भी चल रही है। जब तक रिपोर्ट नहीं आती और इस मामले में किसी अन्य को दोषी न ठहराया जाए।

Exit mobile version