अमृतसर: जिला पर्यावरण समिति की बैठक में अमृतसर के अतिरिक्त उपायुक्त (शहरी विकास) निकास कुमार ने जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्नों में अपशिष्ट प्रबंधन के बेहतर कार्यान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित कर उसका उचित प्रबंधन किया जाये, ताकि आम लोग भी शहर एवं गांवों की सफाई में सहयोग कर सकें। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्नाधिकार के अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैंकने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बैठक में पंजाब प्रदूषण निवारण बोर्ड ने अन्य विभागों से सहयोग मांगा। बैठक के दौरान शहरी क्षेत्नों और ग्रामीण क्षेत्नों में उत्पन्न होने वाले कचरे के प्रबंधन के अलावा प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन, अपशिष्ट जल उपचार, एकल उपयोग प्लास्टिक और रोकथाम, वायु प्रदूषण और अन्य पर्यावरणीय संबंधी विभाग के चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। निकास कुमार ने टास्क फोर्स के अधिकारियों को चाइना डोर विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए टीमें बनाने और चाइना डोर विक्रेताओं के खिलाफ समय पर छापेमारी सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अमृतसर शहर के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत प्राप्त धन के व्यय की भी समीक्षा की गई। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त (शहरी विकास) ने संबंधित विभागों के प्रमुखों के साथ जिला पर्यावरण योजना अमृतसर में सूचीबद्ध विभिन्न कार्यों के लक्ष्य को समय पर प्राप्त करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए। निकास कुमार अडिशनल डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) ने कूड़ा प्रबंधन को बेहतर ढंग से अमल लाने के लिए काफी जोर दिया है। परंतु कमरे में की गई बात और व्यावहारिक बातों में काफी अंतर होता है। एक तरफ यह मीटिंग ले रहे हैं दूसरी तरफ शहर का दिल कहे जाने वाले रणजीत एवेन्यू में कई दिनों से कूड़े के ढेरों का अंबार लगा हुआ है।
ऐसा प्रतीत होता है कि हैल्थ अफसर, सैनेटरी अफसर और सफाई कर्मचारी कुंभकरण की नींद सो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस कूड़े के ढेर से 100 मीटर दूरी पर कूड़ा उठाने वाली ट्रालियां खड़ी होती हैं और यह ट्रालियां हर रोज इसी जगह से गुजरती हैं। किसी का ध्यान इस कूड़े की तरफ नहीं जाता। इस कूड़े के ढेर के पास लाखों रूपए के अत्यंत सुंदर पेड़ लगे हुए हैं। कूड़े के ढेर इन पेड़ों को ग्रहण लगाए हुए हैं। पिछले 18 महीनों से निगम कौंसलरों के इलैक्शनों का न होना भी इन कूड़े के ढेरों का मुख्य कारण है।
आम लोगों की पहुंच जनता के चुने जन प्रतिनिधियों तक ही होती है। निगम अफसर किसी की कोई भी शिकायत सुन कर भी उसका निवारण करने में असमर्थ हैं। निगम कौंसलरों के इलैक्शन कब होंगे। बैठक के दौरान सुखदेव सिंह, पर्यावरण अभियंता, विनोद कुमार, सहायक पर्यावरण अभियंता, संदीप मल्होत्ना, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, डॉ. हरजोत कौर जिला मलेरिया अधिकारी, हरपिंदर सिंह एसीपी, जगतार सिंह कर्जा साधक अधिकारी नगर पंचायत राजासांसी और नगर पालिका जंडियाला गुरु संदीप सिंह एएफएसओ के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।