Experts Discuss Sustainable Energy Solutions : बठिंडा। महाराजा रणजीत सिंह पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (MRSPTU) में AICTE-VANI पहल के तहत सस्टेनेबल ग्रीन एनर्जी और क्लाइमेट क्राइसिस पर दो दिवसीय वर्कशॉप आयोजित की गई।
यूनिवर्सिटी के ज्ञानी जैल सिंह कैंपस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पंजाब और हरियाणा के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से 50 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वर्कशॉप के सभी सत्र पंजाबी भाषा में आयोजित किए गए, जिनमें विशेषज्ञों ने ग्रीन टेक्नोलॉजी, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों, एनर्जी ट्रांजिशन और जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों पर विचार साझा किए।
यह कार्यक्रम यूनिवर्सिटी के ज्ञानी ज़ैल सिंह कैंपस कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (GZSCCET) के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित किया गया था। वर्कशॉप का मकसद सस्टेनेबल एनर्जी समाधानों, एनर्जी ट्रांज़िशन और क्लाइमेट चेंज के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। वैज्ञानिक जानकारी आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए वर्कशॉप के सभी सेशन पंजाबी भाषा में आयोजित किए गए।
बठिंडा के वेस्ट ज़ोन के चीफ इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) इंजीनियर हरपरवीन सिंह बिंद्रा वर्कशॉप के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर प्रो. (डॉ.) संजीव कुमार शर्मा, रजिस्ट्रार प्रो. परमजीत सिंह, वर्कशॉप कोऑर्डिनेटर डॉ. सरबजीत कौर बाथ, को-कोऑर्डिनेटर और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की हेड डॉ. गगनदीप कौर, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के हेड डॉ. नीरज गिल और कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल के असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. यदविंदर पाल शर्मा भी मौजूद थे।
वक्ताओं ने सस्टेनेबल एनर्जी के इस्तेमाल, ग्रीन टेक्नोलॉजी को अपनाने और क्लाइमेट क्राइसिस से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व पर ज़ोर दिया। वर्कशॉप के दौरान, शैक्षणिक संस्थानों और इंडस्ट्री सेक्टर के विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। GZSCCET की डॉ. गगनदीप कौर ने “एनर्जी ट्रांज़िशन रणनीतियाँ: लोकल से ग्लोबल स्तर तक” विषय पर विचार रखे। फतेहगढ़ साहिब के बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रो. (डॉ.) गुरसेवक सिंह बराड़ ने “वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के लिए टेक्नोलॉजी” के बारे में जानकारी दी।
लुधियाना के सिधवान खुर्द स्थित GHG हरप्रकाश कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन फॉर विमेन की प्रो. (डॉ.) अमनदीप कौर ने “क्लाइमेट रेज़िलिएंस और अनुकूलन” पर चर्चा की, जबकि मेटलॉनिक्स इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड के डिप्टी जनरल मैनेजर (इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग और डेवलपमेंट) डॉ. जगमीत सिंह… लिमिटेड, मोहाली ने मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में सस्टेनेबल ग्रीन एनर्जी पहलों पर जानकारी दी। वर्कशॉप के दूसरे दिन, महाशक्ति एनर्जी लिमिटेड, बठिंडा के एंटरप्रेन्योर इंजीनियर करण कंसल ने एनर्जी इंडस्ट्री में अपनाई जा रही एनर्जी-बचाने की रणनीतियों के बारे में जानकारी दी।
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की प्रो. (डॉ.) संदीप कौर ने ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी पर रोशनी डाली। गुरु नानक ऑटो एंटरप्राइजेज लिमिटेड, फगवाड़ा के सीनियर जनरल मैनेजर (ऑपरेशन्स) इंजीनियर परमजीत सिंह ने इंडस्ट्री 4.0 के संदर्भ में एनर्जी ट्रांज़िशन रणनीतियों पर जानकारी दी। वर्कशॉप में पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग यूनिवर्सिटी और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन से 50 से ज़्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इस प्लेटफ़ॉर्म ने टीचर, रिसर्चर, स्टूडेंट और इंडस्ट्री एक्सपर्ट को सस्टेनेबल एनर्जी के इस्तेमाल और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रैक्टिकल समाधानों पर चर्चा करने का मौका दिया।

