Last Updated: November 8, 2026

Dainik Savera Times Logo

जल प्रदूषण पर फैक्ट्री और ग्रामीण आमने-सामने

August 18, 2026

जल प्रदूषण पर फैक्ट्री और ग्रामीण आमने-सामने

Factory and Village Face-off : संगरूर। कथित जल प्रदूषण को लेकर ग्रामीणों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच विवाद बढ़ गया है। जहां लोग पानी की वैज्ञानिक जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं फैक्ट्री प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए जांच में दोषी पाए जाने पर फैक्ट्री बंद करने तक की बात कही है।

उन्होंने कहा कि अगर कोई फैक्ट्री प्रदूषण फैलाने या बीमारियां पैदा करने की दोषी पाई जाती है, तो वे लोगों के साथ खड़े हैं। दूसरी ओर, फैक्ट्री मैनेजमेंट ने लोगों के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। मैनेजिंग डायरेक्टर पुष्पिंदर सिंह का कहना है कि फैक्ट्री में मक्का और चावल से इथेनॉल बनाया जाता है और ज़मीन में किसी भी तरह का केमिकल या गंदा पानी नहीं डाला जाता है। मैनेजमेंट का दावा है कि फैक्ट्री से निकलने वाले गंदे पानी को ट्रीटमेंट प्लांट के ज़रिए साफ़ करके दोबारा इस्तेमाल किया जाता है।

उनके मुताबिक, पानी की कई बार जांच भी की गई है और रिपोर्ट सही आई हैं। मैनेजिंग डायरेक्टर ने यहां तक ​​कहा है कि अगर सरकारी या वैज्ञानिक जांच में फैक्ट्री किसी भी स्तर पर दोषी पाई जाती है, तो वे खुद फैक्ट्री बंद कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि फैक्ट्री लगाने से पहले ग्राम पंचायत से NOC ली गई थी और एक कमेटी को फैक्ट्री का निरीक्षण करने का अधिकार दिया गया था। फिलहाल, इस मामले में दोनों पक्षों के दावे बिल्कुल अलग-अलग हैं। एक तरफ़ लोग फैक्ट्री को कथित जल प्रदूषण के लिए ज़िम्मेदार ठहराते हुए जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं फैक्ट्री मैनेजमेंट सभी आरोपों से इनकार कर रहा है। अब असली सच सरकारी विभागों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा की जाने वाली वैज्ञानिक जांच और पानी के सैंपल की रिपोर्ट से ही साफ़ हो पाएगा।

 

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें