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पंजाब पुलिस की फर्जी रेड में 3 कारोबारी किडनैप, छुड़ाने के लिए मांगे 10 करोड़

पंजाब डेस्क: लुधियाना में पुलिस अधिकारियों के नाम पर फर्जी रेड का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में एक ASI, हेड कॉन्स्टेबल, एक स्थानीय विधायक का करीबी और उनके चार साथियों ने मिलकर नोएडा के एक कॉल सेंटर में फर्जी छापा मारा और फिर तीन कारोबारियों को अगवा कर पंजाब ले आए। आरोपियों ने इन कारोबारियों को एक ढाबे में बंद कर रखा और उनकी रिहाई के लिए 10 करोड़ रुपये की भारी रंगदारी मांग की।

मामले की जांच में पता चला है कि ASI ने खुद को SP और हेड कॉन्स्टेबल को DSP का दर्जा दे दिया था। वहीं एक निजी व्यक्ति को DIG बना दिया गया था। इस टीम ने मिलकर गुजरात और अहमदाबाद के तीन कारोबारियों को जबरन उठा कर पंजाब लाया और उन्हें बंदी बनाकर लाखों का फिरौती खेल खेला।

विधायक का करीबी है आरोपी

इस मामले में लुधियाना की एक आप विधायक का करीबी भी आरोपी है। हालांकि विधायक ने साफ किया है कि वह उस व्यक्ति के ऑफिस आना-जाना करता था, लेकिन उनके बीच कोई गहरा संबंध नहीं है।

साइबर फ्रॉड पकड़ने का बहाना बनाकर की गई फर्जी रेड

साइबर क्राइम थाना खन्ना के सब इंस्पेक्टर नरपिंदर पाल सिंह ने बताया कि हेड कॉन्स्टेबल बलविंदर सिंह ने कई बार उनसे एक बड़े साइबर फ्रॉड रेड की बात कही, लेकिन जब उनसे प्रूफ मांगे गए तो कोई ठोस सबूत नहीं दे सका।

थाने में हुआ पर्दाफाश

जब SI नरपिंदर पाल सिंह 16 सितंबर को थाने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि थाने की रसोई में ASI कुलदीप सिंह, हेड कॉन्स्टेबल बलविंदर सिंह और तीन प्राइवेट लोग मौजूद थे। इनमें से तीन लोग करनदीप सिंह, गगनदीप सिंह और मनी निवासी थे, जिन्हें नोएडा से जबरन लाया गया था।

कारोबारियों ने खोली पोल, आरोपियों पर मामला दर्ज

जब रंगदारी पूरी नहीं हुई तो आरोपियों ने इन्हें थाने ले जाकर केस दर्ज करने की धमकी दी। लेकिन जब पकड़े गए कारोबारियों ने अपनी आपबीती बताई, तो पूरी साजिश का खुलासा हो गया। पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है। यह मामला पंजाब में पुलिस के नाम पर हो रहे घपले और फर्जीवाड़े की गंभीर समस्या को उजागर करता है। जल्द ही इस कांड में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने की उम्मीद है।

विधायक राजिंदरपाल कौर छीना का बयान

लुधियाना साउथ की AAP विधायक राजिंदरपाल कौर छीना ने स्पष्ट किया है कि उनका गगनदीप सिंह एप्पल नाम के आरोपी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि वह एक आम वर्कर की तरह उनके दफ्तर आते-जाते थे। जिस परिवार के साथ इस व्यक्ति ने धोखा किया, वह उनके पास भी आए थे और उन्होंने खुद उन्हें इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया था।

विधायक ने आगे कहा, “गगनदीप का मेरे दफ्तर या विधानसभा हलके से कोई संबंध नहीं है। यह सीएम भगवंत मान की सरकार है और हम भ्रष्टाचार के खिलाफ हमेशा कार्रवाई करते हैं, चाहे कोई भी दोषी हो, चाहे वह हमारा अपना ही क्यों न हो।”

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