फगवाड़ा: संगीत दर्पण पत्रिका और पंजाबी विरसा ट्रस्ट फगवाड़ा द्वारा ब्लड बैंक भवन फगवाड़ा में आयोजित एक समारोह के दौरान लुधियाना के प्रसिद्ध शायर गुरभजन गिल द्वारा लिखित 900 गजलों की पुस्तक का विमोचन किया गया।
इस पुस्तक में पिछले 50 वर्षों में प्रकाशित उनके 8 ग़ज़ल संग्रहों की ग़ज़लों को शामिल किया गया है। 472 पन्नों की यह किताब उन्होंने अपनी बड़ी बहन प्रिंसिपल मंजीत कौर वड़ैच, जिन्होंने हमारे गांव बसंत कोट में बीबी जी के चूल्हे के सामने राख फैलाकर पहली बार ‘उड़ा’ लिख के दिया से लेकर मेरी प्रेरणा का स्रोत मेरी पोती असीस कौर गिल के नाम किया।
लोक अर्पण समारोह का आयोजन संगीत दर्पण पत्रिका के मुख्य संपादक एवं पंजाबी कला एवं साहित्य केंद्र फगवाड़ा के अध्यक्ष तरणजीत सिंह किनरा (रिम्पी) एवं पंजाबी लोक विरासत अकादमी, लुधियाना (दोआबा जोन) के संयोजक सरबजीत सिंह लुबाणा द्वारा किया गया। बीस किताबों के लेखक और कई पुरस्कारों से सम्मानित प्रो. गिल ने इस किताब में 1973-2023 के बीच लिखी ग़ज़लों का ‘आख़र-आख़र’ पाठकों के सामने पेश किया है।