फरीदकोट मंडियों में 1,255 मीट्रिक टन धान पहुंचा, 700 मीट्रिक टन की खरीद
October 9, 2026
Faridkot Mandis Receive 1,255 MT of Paddy : फरीदकोट। जिले की अनाज मंडियों में धान की आवक और खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। डिप्टी कमिश्नर अमित कुमार पांचाल ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। 8 अक्टूबर तक जिले में 1,255 मीट्रिक टन धान पहुंच चुका था, जिसमें से 700 मीट्रिक टन की खरीद की जा चुकी थी। उन्होंने अधिकारियों को खरीद में तेजी लाने, फसल का समय पर उठान सुनिश्चित करने और मंडियों में किसानों को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों को अपनी फसल बेचने में कोई परेशानी नहीं होगी और अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस प्रक्रिया को पूरी गंभीरता से संभालें। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि अनाज मंडियों में धान की आवक, खरीद, उठान, बोरियों, भुगतान और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत जानकारी लेने के लिए अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकों का दौर चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मंडियों में धान खरीद के लिए ज़रूरी इंतज़ाम किए हैं और किसानों की सुविधा को प्राथमिकता दे रही है।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि धान की खरीद के साथ-साथ खरीदी गई फसल का उठान भी तेज़ी से किया जाए, ताकि मंडियों में स्टॉक अनावश्यक रूप से जमा न हो और दूसरे किसान समय पर अपनी उपज लेकर आ सकें। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि पंजाब के किसान—जिनकी कड़ी मेहनत राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है—वही देश के अनाज भंडार को भरते हैं। इसलिए, प्रशासन की यह ज़िम्मेदारी है कि वह किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए सुचारू और सुविधाजनक माहौल प्रदान करे।
उन्होंने आगे निर्देश दिया कि मंडियों में किसानों के लिए साफ़ पीने का पानी, साफ़-सफ़ाई, रोशनी, बैठने की व्यवस्था और अन्य ज़रूरी सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। धान की आवक और खरीद के बारे में जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि 8 अक्टूबर, 2026 तक जिले की अनाज मंडियों में 1,255 मीट्रिक टन धान आ चुका था और 700 मीट्रिक टन की खरीद पहले ही हो चुकी थी। उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वे मंडियों में सूखी और साफ़ उपज लाएँ ताकि उन्हें अपनी फसल बेचने में कोई परेशानी न हो।