Faridkot Targets Zero Stubble Burning : फरीदकोट। डीसी राहुल चाबा की अध्यक्षता में पराली प्रबंधन को लेकर एक अहम बैठक हुई। इसमें जिले में बनाए गए 22 क्लस्टरों के क्लस्टर अधिकारियों के साथ-साथ कृषि विभाग, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सहकारी समितियों के अधिकारी भी शामिल हुए।
डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा ने बताया कि जिले के 22 क्लस्टरों और हर गांव में नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। वे गांवों का दौरा करके किसानों को पराली जलाने के बजाय उसका सही प्रबंधन करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि धान या बासमती की पराली जलाने वाले किसी भी किसान के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य फरीदकोट जिले में पराली जलाने की घटनाओं को शून्य (zero) करना है। उन्होंने क्लस्टर अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्लस्टर के किसी एक गांव में कार्यालय स्थापित करें और उन क्लस्टरों के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों की समितियों के सदस्यों के साथ बैठकें करें। इसके बाद, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. गुरप्रीत सिंह ने उपस्थित अधिकारियों को जानकारी दी।
इस सीजन में फरीदकोट जिले में लगभग 1.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान और बासमती की फसल बोई गई है, जिससे अनुमानित 7.45 लाख टन पराली पैदा होगी। पिछले साल जिले में आग लगने की घटनाओं में 76 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी और ‘हॉटस्पॉट’ गांवों की सूची में केवल चार गांव शामिल थे। इसके बाद, पराली जलाने से संबंधित मामलों के सहायक विपणन अधिकारी-सह-नोडल अधिकारी डॉ. गुरप्रीत सिंह ने बैठक में मौजूद क्लस्टर अधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों/कर्मचारियों को पराली जलाने के मौसम के दौरान उनके कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी।

