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मुंडा पिंड में पराली जलाते पकड़ा किसान, मौके पर बुझाई आग

Farmer Fined for Stubble Burning in Munda Pind : जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। इसी कड़ी में खदूर साहिब के एसडीएम संजीव कुमार शर्मा ने कृषि और पुलिस विभाग की टीमों के साथ उपमंडल के 13 गांवों का दौरा किया। इस दौरान मुंडा पिंड गांव में पराली जलती मिलने पर टीम ने मौके पर आग बुझाई और संबंधित किसान पर नियमानुसार जुर्माना लगाया। प्रशासन ने किसानों को पराली न जलाने और आधुनिक कृषि मशीनों से फसल अवशेषों का प्रबंधन करने की अपील की।

इस दौरे के दौरान फतेहाबाद, खेला, भैल, भोइयां, जोहल धाये वाला, मुंडा पिंड, गुजरपुर, डेहरा साहिब, लुहार, छपरी, चक माहिर, खान राजादा और जमराई गांव शामिल थे—टीम ने पराली प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया और किसानों को फसल अवशेष न जलाने के महत्व के बारे में जागरूक किया। दौरे के दौरान, मुंडा पिंड गांव में पराली जलाई जाती देख, प्रशासनिक टीम ने मौके पर ही आग बुझा दी और नियमों के अनुसार संबंधित किसान पर जुर्माना लगाया। SDM ने स्पष्ट किया कि प्रशासन पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार निगरानी रख रहा है, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली जलाने के बजाय आधुनिक कृषि मशीनों का उपयोग करें और तरनतारन जिले को पराली जलाने की घटनाओं से मुक्त बनाने में सहयोग दें। इस मौके पर, तरनतारन के मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. तेजवीर सिंह भंगू के नेतृत्व में कृषि विभाग ने भी किसानों को पराली प्रबंधन के सही तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
किसानों को संबोधित करते हुए, खदूर साहिब के क्लस्टर अधिकारी डॉ. यदविंदर सिंह ने किसानों से अपील की कि वे पराली प्रबंधन के लिए ‘सुपर सीडर’ और ‘हैप्पी सीडर’ जैसी आधुनिक कृषि मशीनों के इस्तेमाल को प्राथमिकता दें। उन्होंने बताया कि ‘सुपर सीडर’ एक बेहतरीन और प्रभावी उपकरण है, जिसकी मदद से खेत में फसल अवशेषों (पराली) का प्रबंधन करते हुए सीधे गेहूं की बुआई की जा सकती है। इससे पराली जलाने की ज़रूरत खत्म हो जाती है, जिससे पर्यावरण और मिट्टी की सेहत, दोनों की सुरक्षा होती है। इस मौके पर कृषि विस्तार अधिकारी डॉ. रूपिंदरजीत सिंह भी मौजूद थे।

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