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किसान हितैषी लैंड पूलिंग नीति का उद्देश्य राज्य के विकास को बढ़ावा देना है: CM MANN

बठिंडा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि नई लैंड पूलिंग योजना का उद्देश्य किसानों के लिए आय का पक्का स्रोत उपलब्ध कराना है, क्योंकि कृषि अब मुनाफे का धंधा नहीं रह गया है। इसी दौरान किसानों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लैंड पूलिंग योजना का उद्देश्य किसानों के लिए आय का स्थायी स्रोत बनाना और उन्हें राज्य के विकास और प्रगति में सक्रिय भागीदार बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी किसान की जमीन जबरन अधिग्रहित नहीं की जाएगी और इस नीति के तहत केवल वही किसान अपनी जमीन देंगे जो अपनी सहमति देंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस नीति के अनुसार मुआवजे के अलावा किसानों को इस योजना में व्यावसायिक और रिहायशी प्लॉट भी मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लैंड पूलिंग स्कीम के अंतर्गत बनने वाली नियोजित कॉलोनियों में व्यवसायिक संपत्तियां किसानों के लिए स्थिर आय का स्रोत बनेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नई लैंड पूलिंग नीति का उद्देश्य राज्य के समग्र विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य के समग्र विकास को बढ़ावा देकर हर आम आदमी को लाभान्वित करेगी। भगवंत सिंह मान ने सभी को भरोसा दिलाया कि किसी की भी जमीन जबरन नहीं छीनी जाएगी और अधिग्रहित जमीन पर सारा विकास कानूनी और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब में देश में सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनियां हैं, जिसके लिए पिछली सरकारें जिम्मेदार हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन कॉलोनियों में कोई भी बुनियादी नागरिक सुविधाएं नहीं हैं, जिसके कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों के बेतरतीब विकास को रोकने के लिए लैंड पूलिंग स्कीम शुरू की गई है, जिसमें जमीन मालिक को इसे अपनाने या न अपनाने का पूरा अधिकार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लोगों की सहमति से अधिग्रहित की गई जमीन का इस्तेमाल शहरी एस्टेट के निर्माण के लिए किया जाएगा, जिससे योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य के नेता पंजाब के हितों को खतरे में डालते थे, आज राज्य सरकार राज्य के समग्र विकास और समृद्धि पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले नेता लोगों से मिलने से डरते थे, जबकि आज राज्य सरकार लोगों से बातचीत कर रही है और उनसे फीडबैक ले रही है।

मान राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में उन्हें सक्रिय भागीदार बनाकर राज्य और इसके लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि राज्य के युवाओं को 54000 से अधिक नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि सभी नौकरियां बिना किसी भ्रष्टाचार या भाई-भतीजावाद के पूरी तरह से योग्यता के आधार पर दी गई हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास में युवाओं को सक्रिय भागीदार बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भूमि पंजीकरण को आसान बनाने के लिए ‘आसान पंजीकरण’ नामक एक महत्वपूर्ण परियोजना शुरू की है, जिसे मोहाली से शुरू किया गया है और 1 अगस्त से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सरकारी कार्यालयों के कामकाज को और अधिक कुशल बनाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है और साथ ही उन्होंने कहा कि लोग अब जिले के किसी भी उप-रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर बिना किसी परेशानी के अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री करवा सकेंगे।

मान ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह पहल तहसील कार्यालयों में भ्रष्टाचार को खत्म करने में अहम भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछली सरकारों ने नहरी पानी के महत्व को कैसे नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेलों पर अत्यधिक निर्भरता के परिणामस्वरूप भूजल स्तर खतरनाक सीमा तक नीचे चला गया है, जो राज्य के लिए बहुत घातक साबित हुआ है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक नहरों को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य भर में 700 किलोमीटर पाइपलाइन पहले ही बिछाई जा चुकी हैं ताकि नहरी पानी सूखे क्षेत्रों और टेलिंग पर स्थित गांवों तक पहुंचाया जा सके।

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