तपा मंडी : खुले आसमान के नीचे धूप में बैठा किसान, अपने बच्चों की तरह पाली गई फसल को बेचने के लिए जब सरकार और खरीद एजैंसियों की तरफ देखता है, तो उसकी बेबसी उस वक्त और बढ़ जाती है जब उसके धान की ढेरी में नमी का दोष निकालकर उसे खरीदने से इंकार कर दिया जाता है। तपा अनाज मंडी में इन दिनों कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिल रहा है, जहां कई किसान अपनी फसल लेकर बोली और खरीद का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
धान की ढेरी के पास माथे पर हाथ रखकर बैठे किसान दर्शन सिंह ने बताया कि वह पिछले तीन दिनों से अपनी फसल लेकर मंडी में बैठे हैं और इस इंतजार में हैं कि कब उनके धान की बोली लगे और वे राहत की सांस लेकर घर लौट सकें। उन्होंने कहा कि सरकारें चाहे कोई भी आ जाएं, लेकिन किसानों की लूट खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। दर्शन सिंह ने बताया कि जब खरीद एजैंसियों के इंस्पैक्टर मंडी में धान की बोली के लिए आते हैं, तो नमी (17 प्रतिशत से अधिक) का हवाला देकर फसल की खरीद से साफ इनकार कर दिया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे हालात में किसान अपनी फसल लेकर आखिर कहां जाए?

