मानसा: मुख्य कृषि अधिकारी डा. हरप्रीत पाल कौर ने बताया कि पंजाब सरकार धान की सीधी बुवाई करने वाले किसानों को 1500 रुपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि देगी। उन्होंने कहा कि धान की सीधी बुआई मध्यम व भारी मिट्टी में की जा सकती है। किसानों से अपील की कि वे धान की सीधी बुवाई का रकबा बढ़ाएं ताकि पंजाब सरकार की इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सके। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान पोर्टल पर अपनी सहमति दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि धान की पीआर अन्य किस्म तथा बासमती किस्म का पंजीकरण 10 मई से 30 जून तक किया जाएगा। धान, परमल तथा बासमती की पीआर अन्य किस्मों का प्रथम सत्यापन 1 से 15 जुलाई, 2025 तक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग 15 मई से एक विशेष अभियान शुरू करेगा, जिसके तहत गांवों में तकनीकी शिविर आयोजित करके धान की सीधी बुवाई के लाभों के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी, जैसे कि इस तकनीक से 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत पानी की बचत होती है, श्रम की बचत होती है, बीमारियों से बचाव होता है और धान की पराली का प्रबंधन भी आसान होता है। इससे भूजल का 10 से 12 प्रतिशत पुनर्भरण होता है और पैदावार पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने जिले के किसानों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार का अनाधिकृत धान का बीज न खरीदें। इसके साथ ही किसानों को पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा प्रमाणित किस्में खरीदने तथा खरीद के समय पक्का बिल लेने की सलाह दी गई।
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